Kanpur News : कारोबारी के बेटे की लेम्बोर्गिनी ने 6 को रौंदा: बुलेट सवार 10 फीट उछला, थाने में बाउंसरों की बदसलूकी।

कानपुर।कानपुर में एक रईस कारोबारी के बेटे की तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी ने सड़क पर कहर बरपा दिया।...

UP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : 24 IPS अफसरों के तबादले, कई जिलों के कप्तान बदले…

लखनऊ।उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 24 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया...

उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : 24 IPS अफसरों के तबादले, कई जिलों के कप्तान बदले

लखनऊ।उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 24 आईपीएस अधिकारियों का तबादला...

कानपुर: प्रेम विवाह के तीन महीने बाद पति ने की पत्नी की हत्या, आरोपी फरार।

कानपुर। शहर के पनकी थाना क्षेत्र स्थित राम गंगा एनक्लेव से एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है।...

कानपुर: सिंघानिया परिवार विवाद में बड़ा मोड़, करोड़ों की हेराफेरी के आरोप सही : 4 के खिलाफ चार्जशीट।

कानपुर के चर्चित उद्योगपति सिंघानिया परिवार में चल रहा संपत्ति और ट्रस्ट विवाद अब निर्णायक मोड़ पर...

कानपुर में आक्रोशित वकीलों ने थाना घेरा,जोरदार हंगामाः पूर्व महामंत्री को उठाने पर जमकर नारेबाजी।

कानपुर में बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री को हिरासत में लेने से नाराज वकील हंगामा कर रहे हैं। वह...

#UGC के नए नियमों पर सुप्रीम रोक- केंद्र को नए सिरे से ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश।

सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। CJI...

कानपुर: महाराजपुर के हाथीगांव में नवविवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत, 8 महीने पहले हुई थी शादी

Kanpur:कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के हाथीगांव में मंगलवार को एक नवविवाहिता ने संदिग्ध...

UGC 2026 नियमों के खिलाफ PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा।

Kanpur: यूजीसी (UGC) 2026 के नए नियमों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार...
Information is Life

2004 में नकली दवा के साथ आरोपित संचालक राहुल के पिता रामगोपाल पर भी हुई थी कार्रवाई।

कानपुर : बिरहाना रोड के थोक दवा मार्केट के सामने नील वाली गली में नकली दवा बनाने और बेचने का कारोबार कई पीढ़ियों से चल रहा था। यहां से नकली दवाएं यूपी, हरियाणा, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में भेजी जा रही थी। मंगलवार को औषधि विभाग और लुधियाना नारकोटिक्स टास्क टीम ने छापेमारी कर 28.85 लाख की नकदी के साथ बड़ी मात्रा में नकली दवाएं, दवा बनाने और उसकी पैकेजिंग में प्रयोग होने वाली सामग्री पकड़ी थी। इसके बाद औषधि निरीक्षक रेखा सचान ने स्टोर को सील कर कलक्टरगंज थाने में संचालक राहुल अग्रवाल और उनकी पत्नी पायल पर मुकदमा कराया और संचालक की बेटी वर्तिका अग्रवाल से लुधियाना नारकोटिक्स टास्क टीम ने कई घंटों तक पूछताछ की। इसमें कई साक्ष्य सामने आए हैं। इसके आधार पर टीम उसे अपने साथ लुधियाना ले गई है। इंस्पेक्टर ललित प्रताप सिंह ने बताया कि स्टोर संचालक की बेटी को साथ ले जाने की जानकारी दी गई है।

औषधि निरीक्षक ने बताया कि दुकान से फरार होने वाले संचालक राहुल नकली दवा का काम पिछले कई वर्षों से कर रहे हैं। जांच में पता चला है कि वर्ष 2004 में राहुल के पिता रामगोपाल अग्रवाल पर नकली दवा के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। वे ट्रांसपोर्ट नगर में नकली दवाओं के साथ पकड़े गए थे। अब शहर में नकली दवा का कारोबार करने वालों के तार खंगाले जा रहे हैं। जहां मानक के विरुद्ध दवाएं बनाकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। एसीपी कलक्टरगंज आशुतोष सिंह ने बताया कि श्री लक्ष्मी फार्मा मेडिकल एंड सर्जिकल स्टोर में मानक के विरुद्ध दवाएं मिलने के मामले में संचालक राहुल और उनकी पत्नी पायल पर औषधियों में मिलावट, मिलावटी दवाओं की बिक्री, धोखाधड़ी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

जिस दवा की मांग, उसे घर पर ही बनाते थे : नील वाली गली स्थित स्टोर की तीसरी मंजिल पर छापे में एंटीबायोटिक और दर्द में प्रयोग होने वाली दवाओं के साथ संक्रमण के इंजेक्शन बड़ी मात्रा में मिले थे। औषधि अधिकारियों का अनुमान है कि मार्केट में जिस दवा की अधिक मांग रहती है, यह नकली दवा के कारोबारी उसे ही बनाते हैं ताकि बाजार में उनकी बनाते हैं ताकि से खरीदी जा सके। कई शहरों में जाल फैला होने के कारण दवाओंको मनमाने ब्रांड और मूल्यों पर बाजार में बेचे जाने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि नकली दवा के कारोबार में शहर के कई लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। औषधि निरीक्षक रेखा सचान ने बताया कि छापेमारी के दौरान मिली पांच प्रकार की दवाओं की सैंपलिंग की गई थी, जांच रिपोर्ट आने के बाद दवा की गुणवत्ता की हकीकत सामने आएगी। रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो जाएगा कि रिपोर्ट से यह जो दवाएं बनाई जा रही थी, वो कितनी नुकसानदायक हो सकती है।।

इसी मामले में रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव आर के सफ्फर ने कहा कि दवाएं बीमारी के वक्त शरीर को स्वस्थ बनाने के साथ गंभीर स्थिति में जीवन रक्षक होती हैं। स्वास्थ्य के लिए वरदान समझी जाने वाली यही दवाएं यदि मुनाफाखोरी का जरिया बन जाएं तो सेहत की दुश्मन बन जाती हैं। कानपुर में नकली दवाओं के एक बड़े गिरोह को पकड़ा। पुलिस ने आरोपितों के पास से अलग-अलग ब्रांड की नकली दवाएं बरामद कीं। जो कि बहुत ही चिंताजनक स्थित है ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।

इसी मामले में आईएमए के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ देवेंद्र लाल चंदानी ने कहा की नकली दवाओं का कारोबार अब संगठित अपराध का स्वरूप ले चुका है जो लगातार मरीजो की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। एक अनुमान के मुताबिक जल्द ही भारतीय दवा बाजार 60.9 अरब डालर के स्तर को पार कर जाएगा। ऐसे में अपने मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर समय रहते सख्त कार्रवाई करनी होगी। नकली दवाओं को बनाना-बेचना भ्रष्टाचार ही नहीं मानवीय सेहत के लिए एक बड़ा खतरा भी है। एक ही मर्ज की बाजार में मिलने वाली अलग-अलग ब्रांड की दवाओं की दक्षता में अंतर होना चिंताजनक है।

https://youtu.be/hARHoRYgtnM?si=X_znmgE8NHcLYCaY

नकली और मिलावटी दवाएं जहां बीमारी से लड़ने में असरदार नहीं होती हैं, वहीं वे दूसरे रोगों का कारक बनती हैं। इनका सेवन गुर्दे, यकृत, हृदय और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। गुणवत्ताविहीन दवाएं निर्यात के मोर्चे पर देश की साख भी कमजोर करती हैं। लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाली ये गतिविधियां अब संगठित अपराध की शक्ल ले चुकी हैं। दवा निर्माण एक चरणबद्ध प्रक्रिया है। ये वैज्ञानिक परीक्षण के बाद उपभोक्ताओं तक पहुंचती हैं। दवा कंपनियों में प्रयोगशालाएं होती हैं, जहां प्रत्येक चरण का आकलन कर दवा को अंतिम रूप दिया जाता है। दवा निर्माता कंपनी के लिए तय प्रोटोकाल का पालन अनिवार्य है।


Information is Life