कानपुर। कानपुर के चर्चित कुशाग्र अपहरण-हत्या कांड में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। इस मामले में ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और उसके दोस्त आर्यन उर्फ शिवा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने तीनों को अपहरण और हत्या का दोषी करार देते हुए यह दंड दिया।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने कारोबारी के बेटे कुशाग्र (16 वर्ष) का अपहरण कर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। बाद में फिरौती की रकम लेने से पहले ही आरोपी घबरा गए और उन्होंने छात्र की गला दबाकर हत्या कर दी।
मां बोली- उम्रकैद से संतुष्ट नहीं, तीनों को फांसी मिलनी चाहिए
कोर्ट के फैसले के बाद कुशाग्र की मां सुनीता ने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे इस सजा से संतुष्ट नहीं हैं और दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। मां का कहना है कि जिस तरह उनके बेटे को बेरहमी से मारा गया, उसी तरह दोषियों को भी कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी तरह का पछतावा नहीं है और वे बेहद निर्दयी लोग हैं।
चाचा बोले- ढाई साल कोर्ट के चक्कर में आंसू सूख गए
कुशाग्र के चाचा ने भी कोर्ट के फैसले पर भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि परिवार ढाई साल से कोर्ट के चक्कर काट रहा है। उनके मुताबिक, “अब तो आंसू भी सूख गए हैं।” परिवार ने संकेत दिए हैं कि वे आगे हाईकोर्ट में फांसी की मांग को लेकर अपील करेंगे। कोर्ट ने माना- तीनों ने मिलकर किया अपहरण, फिरौती के लिए रची साजिश कोर्ट के अनुसार ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और दोस्त आर्यन उर्फ शिवा ने मिलकर कुशाग्र का अपहरण किया था। इसके बाद फिरौती के लिए परिवार को धमकी दी गई और 30 लाख रुपये की मांग की गई। कुशाग्र की हत्या 30 अक्टूबर 2023 को की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की तरफ से 14 गवाह पेश किए गए, जिनके बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को दोषी माना।
600 पेज की चार्जशीट, 240 पेज की जिरह, 112 वस्तुएं बरामद
एडीजीसी भास्कर मिश्रा के मुताबिक पुलिस ने इस केस में 600 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। ट्रायल के दौरान कोर्ट में: 14 गवाहों की गवाही हुई
करीब 240 पेज की जिरह दर्ज हुई, 42 कागजात कोर्ट में साबित किए गए, घटना से जुड़ी 112 वस्तुएं पुलिस ने बरामद कर कोर्ट में पेश कीं..
CCTV फुटेज बना केस का सबसे बड़ा सबूत
इस पूरे मामले में CCTV फुटेज सबसे अहम सबूत साबित हुआ। फुटेज में साफ तौर पर कुशाग्र और प्रभात को कमरे में जाते देखा गया था।
इसके अलावा फिरौती का पत्र डालते समय प्रभात और आर्यन भी कैमरे में कैद हुए थे। वहीं घटना के समय प्रभात के घर के बाहर आर्यन का टहलते हुए वीडियो भी रिकॉर्ड हुआ, जिसने केस को मजबूत किया।
कोर्ट में इन फुटेज को पेश किया गया, जिससे आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हुई।
711 दिन में 134 सुनवाई, 135वीं सुनवाई में सुनाई गई सजा
अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेश पाठक ने बताया कि केस की फाइल 9 फरवरी 2024 को सत्र न्यायालय भेजी गई थी।
इसके बाद 3 मई 2024 को आरोप तय किए गए। उसी महीने पहली सुनवाई शुरू हुई।
कुल मिलाकर:
711 दिनों में 134 सुनवाई हुई
दोष सिद्ध होने के बाद 135वीं सुनवाई में सजा सुनाई गई
आरोपियों की कबूलनामा जैसी बातें भी आईं सामने
प्रभात का दावा- फिरौती से कार खरीदने और शादी करने का था प्लान
प्रभात शुक्ला ने कहा कि उसकी दोस्ती रचिता से 2017 में हुई थी। उसी दौरान रचिता कुशाग्र को ट्यूशन पढ़ाती थी। रचिता के जरिए प्रभात की कुशाग्र और उसके परिवार से पहचान बनी।
प्रभात के मुताबिक, उसने कुशाग्र के घर की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया कि परिवार संपन्न है। इसके बाद उसने अपहरण कर फिरौती वसूलने की योजना बनाई। वह कहता है कि फिरौती के पैसों से वह स्विफ्ट डिजायर कार खरीदना चाहता था और रचिता से शादी कर “सही जीवन” जीना चाहता था।
“मैं घबरा गया… इसलिए गला कस दिया”
प्रभात ने बताया कि अपहरण के बाद जब कुशाग्र भागने और चिल्लाने लगा, तो उसे डर हुआ कि किसी ने सुन लिया तो योजना फेल हो जाएगी। इसके बाद उसने नारियल की रस्सी से कुशाग्र का गला कस दिया।
उसने यह भी बताया कि आवाज दबाने के लिए उसने कुशाग्र के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया।
रचिता का बयान- प्रभात ने खुद फिरौती का पत्र लिखा
रचिता ने कहा कि अपहरण की योजना तीनों ने मिलकर बनाई थी। उसने बताया कि 28 अक्टूबर 2023 को तीनों प्रभात के घर में थे, वहीं प्रभात ने अपने हाथों से फिरौती का पत्र लिखा।
रचिता का यह भी दावा रहा कि 30 अक्टूबर को प्रभात कुशाग्र को प्लान के मुताबिक अपने घर लेकर आया और उसे इशारा किया गया, जिससे वह सतर्क हो गई थी।
आर्यन बोला- पैसों के लालच में शामिल हुआ
आर्यन ने कहा कि उसकी प्रभात से डील हुई थी कि फिरौती के पैसों में से उसे 4 लाख रुपये दिए जाएंगे। उसने यह भी कहा कि उसने गरीबी दूर करने के लिए इस वारदात में साथ दिया।
43 मिनट की CCTV फुटेज में कैद हुई हत्या की पूरी कहानी
मामले के अनुसार आचार्य नगर निवासी कपड़ा कारोबारी मनीष कनोडिया का बेटा कुशाग्र 30 अक्टूबर 2023 को स्वरूप नगर स्थित मेनन कोचिंग जाने के लिए निकला था।
रास्ते में उसे प्रभात मिला और वाहन खराब होने की बात कहकर उससे लिफ्ट मांगी। इसके बाद प्रभात उसे ओम नगर के इंद्र कुटी हाता स्थित घर ले गया।
हाते के बाहर लगे CCTV कैमरे में यह पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ। वीडियो में प्रभात आगे-आगे चलता दिखा, जबकि कुशाग्र पीछे-पीछे स्टोरनुमा कमरे में जाता नजर आया। उसी के पास वाले कमरे में रचिता मौजूद थी और बाहर आर्यन दिखाई दिया।
कुल 43 मिनट का यह घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ, जिसने कोर्ट में अहम सबूत का काम किया।
परिवार हाईकोर्ट में करेगा अपील
फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने साफ किया है कि वे इस सजा से संतुष्ट नहीं हैं और दोषियों को फांसी दिलाने के लिए हाईकोर्ट का रुख करेंगे।
✅ रिपोर्ट: अभय त्रिपाठी
(UP TV Live / Kanpur)

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