नया यूपी, नई पहचान: विकास, सुशासन और निवेश का उभरता केंद्र बना उत्तर प्रदेश।

कानपुर।कभी बीमारू राज्य की श्रेणी में गिने जाने वाला उत्तर प्रदेश आज विकास, निवेश और सुशासन की नई...

कानपुर : बचपन की तस्वीर से मिस यूपी तक पहुंची अंशिका, नकली ताज से असली क्राउन तक का सफर।

कानपुर की प्रतिभाशाली बेटी अंशिका गुप्ता ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर सौंदर्य प्रतियोगिता...

कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा फेरबदल, कई थानों में नए प्रभारी तैनात।

कानपुर। Kanpur पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़ा फेरबदल...

कानपुर के युवा उद्यमी देवांश का कमाल, Shark Tank India में चयन…

कानपुर। शहर के लिए गर्व की बात है कि कानपुर के युवा उद्यमी देवांश का चयन देश के लोकप्रिय बिज़नेस...

Kanpur : डफरिन अस्पताल के Dr सुधीर कुमार द्विवेदी हुए सम्मानित।

फिजियोकनेक्ट-6 इंटरनेशनल फिजियोथेरेपी सम्मेलन का आयोजन द मायरा फाउंडेशन द्वारा द नॉर्थकैप...

कानपुर: सुहागरात टालता रहा पति, पत्नी ने नपुंसकता छिपाकर शादी का लगाया आरोप; 38 लाख खर्च का दावा

कानपुर की एक नवविवाहिता ने पति पर नपुंसकता की बात छिपाकर शादी करने का आरोप लगाते हुए ससुराल पक्ष...

Kanpur : दूल्हा बने बाबा आनंदेश्वर, महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब; लाखों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

कानपुर। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शहर शिवभक्ति में डूबा नजर आया। परमट स्थित श्री आनंदेश्वर...

कानपुर को मिलेगा विश्वस्तरीय क्रिकेट हब: 350 करोड़ से बदलेगा ग्रीन पार्क स्टेडियम का स्वरूप, बढ़ेंगे अंतरराष्ट्रीय व IPL मैच..

कानपुर। शहर के ऐतिहासिक क्रिकेट मैदान ग्रीन पार्क स्टेडियम को अब विश्वस्तरीय बनाने की तैयारी शुरू...

कानपुर में अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा हमला, बोले— ‘स्मार्ट सिटी नहीं, बदनामपुर बन गया शहर’

कानपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर दौरे के दौरान भारतीय जनता...

कानपुर पहुंचने से पहले जाम में फंसे अखिलेश यादव, वीडियो शेयर कर सरकार पर साधा निशाना

कानपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार को कानपुर पहुंचने से पहले गंगा...
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कानपुर से कोई ढाई सौ किलोमीटर दूर ओरछा (मध्यप्रदेश) में राजा राम का मंदिर है। यहां पट खुलते ही सशस्र पुलिस की गारद राजा राम को सलामी देती है और फिर सिर नवाकर उनसे राजकाज की आज्ञा मांगती है। इसके बाद ही जिले का सरकारी कामकाज शुरू होता है, यह सब अंग्रेजों के शासन में भी होता था। यहां के राजा राम की सत्यकथा कोई 600 साल पुरानी है। तब यहां बुंदेली राजा मधुकर का राज था। मधुकर कृष्ण भक्त तो उनकी रानी कुंअर गणेश राम भक्त थीं। एक दिन राजा ने अपनी रानी कुंअर गणेश से यूं ही कह दिया कि राम की इतनी भक्त हो तो उन्हें अयोध्या से ओरछा ले आओ। रानी अयोध्या आ गईं और यहां 21 दिन सरयू तट पर राम की आराधना में डूब गईं। मान्यता है कि राम उनकी गोद में मूर्ति के रूप में प्रकट हुए। साथ ही शर्त रक्खी कि वह ओरछा चलेंगे लेकिन वहां जहां उन्हें रख दिया जाएगा, स्थापित हो जाएंगे। वह अयोध्या से वहां बालरूप में जाएंगे और राजा के रूप में विराजेंगे। रानी मूर्ति लेकर ओरछा आ गईं और मुर्ति को महल की रसोई में रख दिया। राम उसी ठौर वहीं स्थापित हो गए। पास ही उनके लिए चतुर्भुज मंदिर का निर्माण करवाया गया, लेकिन रसोई से राम की मूर्ति कोई तस से मस नहीं कर सका। तब राजा मधुकर ने अपने महल को ही मंदिर में तब्दील करवा दिया। तब से रामजी वहां राजा के रूप में विराजमान हैं। ओरछा का प्रशासन उन्हें आज भी अपनी सरकार और राजा मानता है। इसलिए पूरे प्रोटोकॉल के साथ मंदिर में राजा राम को सलामी दी जाती है। डीएम और एसपी भी मंदिर में माथा टेकते हैं…। पूरी दुनिया से लोग यहां आते हैं। देश में इस मंदिर की अयोध्या जैसी मान्यता है। रामनवमी में वहां भारी भीड़ पहुंचती है….।


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