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कानपुर।कानपुर में एक रईस कारोबारी के बेटे की तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी ने सड़क पर कहर बरपा दिया।...

UP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : 24 IPS अफसरों के तबादले, कई जिलों के कप्तान बदले…

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उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : 24 IPS अफसरों के तबादले, कई जिलों के कप्तान बदले

लखनऊ।उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 24 आईपीएस अधिकारियों का तबादला...

कानपुर: प्रेम विवाह के तीन महीने बाद पति ने की पत्नी की हत्या, आरोपी फरार।

कानपुर। शहर के पनकी थाना क्षेत्र स्थित राम गंगा एनक्लेव से एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है।...

कानपुर: सिंघानिया परिवार विवाद में बड़ा मोड़, करोड़ों की हेराफेरी के आरोप सही : 4 के खिलाफ चार्जशीट।

कानपुर के चर्चित उद्योगपति सिंघानिया परिवार में चल रहा संपत्ति और ट्रस्ट विवाद अब निर्णायक मोड़ पर...

कानपुर में आक्रोशित वकीलों ने थाना घेरा,जोरदार हंगामाः पूर्व महामंत्री को उठाने पर जमकर नारेबाजी।

कानपुर में बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री को हिरासत में लेने से नाराज वकील हंगामा कर रहे हैं। वह...

#UGC के नए नियमों पर सुप्रीम रोक- केंद्र को नए सिरे से ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश।

सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। CJI...

कानपुर: महाराजपुर के हाथीगांव में नवविवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत, 8 महीने पहले हुई थी शादी

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UGC 2026 नियमों के खिलाफ PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा।

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पुष्पराज जैन सपा प्रमुख अखिलेश यादव के करीबी हैं और उन्होंने समाजवादी इत्र लांच किया था. हाल ही में कानपुर में कारोबारी पीयूष जान के यहां जांच एजेंसियों ने छापे मारे थे तो सपा नेता पंपी जै के साथ उनका रिश्ता जोड़ा जा रहा था।

➡️इत्र कारोबारी पंपी जैन के ठिकानों पर छापेमारी।

➡️पुष्पराज जैन पंपी सपा के विधान परिषद सदस्य हैं।

➡️पुष्पराज के पिता ने 1950 में इत्र बनाना शुरू किया था।


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कन्नौज शहर के इत्र कारोबारियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही. इत्र कारोबारी पीयूष जैन के यहां से मिले भारी कैश के बाद अब सपा के एमएलसी इत्र कारोबारी पुष्पराज जैन उर्फ पंपी जैन के ठिकानों पर इनकम टैक्स की टीम ने छापा मारा है. शुक्रवार को आयकर विभाग की टीम ने पंपी जैने के कन्नौज के चिपट्टी और अयूब मियां के आवास और कारखानों में आईटी की टीमों ने छापा मारा है. ऐसे में सवाल उठता है कि कौन है पुष्पराज जैन और सपा के साथ कैसे रिश्ते हैं?

पुष्पराज जैन सपा प्रमुख अखिलेश यादव के करीबी हैं और उन्होंने समाजवादी इत्र लांच किया था. हाल ही में कानपुर में कारोबारी पीयूष जान के यहां जांच एजेंसियों ने छापे मारे थे तो सपा नेता पंपी जैन के साथ उनका रिश्ता जोड़ा जा रहा था. इस पर पंपी जैन ने खुद सामने आकर कहा था कि पीयूष जैन न ही हमारे खानदानी हैं, न रिश्तेदारी हैं और न ही उनसे कोई संबंध है. केवल जैन होने की वजह से हमें उनके साथ जोड़ा जा रहा है. हमें और समाजवादी पार्टी को बदनाम करने की साजिश है।

कौन हैं पुष्पराज जैन?

पुष्पराज जैन कन्नौज के इत्र के बड़े कारोबारी हैं. यह उनका खानदानी काम है और इत्र की दुनिया में बड़ा नाम है. कन्नौज में 60 वर्षीय पुष्पराज जैन की छवि एक ‘परोपकारी’ और लोगों की मदद करने वाली है. हालांकि, उनके पिता सवैललाल जैन जब इत्र का कोरबार किया करते थे तो इतना बड़ा व्यवसाय नहीं था. इसे पुष्पराज जैन ने अपने खानदानी इत्र के कारोबार को बुलंदी दी है।

पुष्पराज ने अपनी शुरूआती पढ़ाई लिखाई कन्नौज से किया है. कन्नौज के स्वरूप नारायण इंटरमीडिएट कॉलेज से पंपी जैन ने 12 तक पढ़ाई की है. इसके बाद वो अपने पिता के इत्र कारोबार में जुड़ गए और उसे सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि देश और दुनिया के कई देशों में स्थापित करने का काम किया है।

पुष्पराज जैन प्रगति अरोमा ऑयल डिस्टिलर्स प्राइवेट लिमिटेड के सह-मालिक हैं. इत्र बिजनेस की शुरुआत उनके पिता सवैललाल जैन ने 1950 में ने शुरू की थी. पुष्पराज और उनके तीन भाई कन्नौज में व्यवसाय करते हैं और एक ही घर में रहते हैं. उनके तीन भाइयों में से दो मुंबई ऑफिस में काम करते हैं जबकि तीसरा उनके साथ कन्नौज में मैन्युफैक्चरिंग सेट-अप पर काम करता है।


पुष्पराज का सपा से नाता

पुष्पराज जैन उर्फ पंपी जैन साफ-सुतरी छवि वाले नेता और कारोबारी माने जाते हैं. उनके ऊपर कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है. पंपी जैन सपा के साथ लंबे समय से जुड़े है, लेकिन सक्रिय राजनीति में उन्हें अखिलेश यादव लेकर आए हैं. सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव कन्नौज से जब सांसद चुने गए थे, तभी से पंपी जैन की सपा के साथ नजदीकियां बढ़ गई थीं।

मुलायम सिंह यादव की कन्नौज की सियासी विरासत को अखिलेश यादव ने संभाला था और लोकसभा सांसद चुने गए. इसी के बाद कन्नौज के तमाम नेता और इत्र के कारोबारियों के साथ अखिलेश यादव की नजदीकियां बढ़ीं. इन्हीं में एक नाम इत्र कारोबारी पुष्पराज जैन उर्फ पंपी जैन का था. 2012 में अखिलेश यादव ने सूबे की सत्ता संभाली और मुख्यमंत्री बने तो पंपी जैन के साथ उनकी रिश्ते और भी मजबूत हो गए।

पंपी जैन 2016 में बने एमएलसी

अखिलेश यादव ने साल 2016 में पुष्पराज जैन 2016 में इटावा-फर्रुखाबाद सीट से विधान परिषद का चुनाव लड़ाया और निर्विरोध जिताया. इस तरह पुष्पराज जैन सपा प्रमुख अखिलेश यादव के होने के चलते एमएलसी बने जबकि इस सीट पर उस समय कई यादव और शाक्य समाज के दावेदार थे. इसके बावजूद अखिलेश ने पंपी जैन को उच्च सदन भेजा, जिनका कार्यकाल मार्च 2022 में पूरा हो रहा है।


समाजवादी इत्र लांच किया था

पुष्पराज जैन ने हाल ही में समाजवादी इत्र लांच करके चर्चा में आए थे. अखिलेश यादव ने सपा कार्यलय में इस इत्र को लांच किया था. उन्होंने कहा था कि यह इत्र 2022 में नफरत की खुशबू को समाप्त करके समाजवादी खुशबू लाने का काम करेगी. ये समाजवादी सुगंध लोगों में भाईचारा बढ़ाएगा. वहीं, इस दौरान पंपी जैन ने बताया था कि इत्र तैयार करने में दो वैज्ञानिकों से राय ली गई है. यह करीब चार महीने में बना है. उन्होंने बताया था कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक 22 इत्र का प्रयोग किया गया है. जब इसका प्रयोग होगा तो समाजवादी खुशबू मिलेगी, कन्नौज की मिट्टी की खुशबू मिलेगी.

पंपी जैन का क्या-क्या कारोबार

एमएलसी पुष्पराज जैन का कन्नौज ही नहीं बल्कि का मुंबई में भी एक घर और एक कार्यालय है, जहां से मुख्य रूप से मध्य पूर्व में लगभग 12 देशों को इत्र का निर्यात का कारोबार करते हैं. इसके अलावा पुष्पराज जैन का कन्नौज में एक पेट्रोल पंप और एक कोल्ड स्टोरेज है. इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर के कारोबार से भी जुड़े हुए हैं. 2016 में चुनावी हलफनामे के अनुसार, पुष्पराज उनके परिवार के पास 37.15 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 10.10 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है।


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