कानपुर-किशोरी के साथ गैंगरेप मामले में एक सप्ताह से फरार चल रहे आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या ने मुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर को 4 पेज का पत्र लिखकर खुद को निर्दोष बताया है। 50 हजार रुपये के इनामी दरोगा ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। दरोगा ने अपने पत्र में लिखा है कि वह इस पत्र को अपने बयान के रूप में पेश कर रहा है, ताकि प्रार्थी और पुलिस विभाग पर लगाए गए आरोपों का सही जवाब जनता और यूपी पुलिस के सभी कर्मचारियों तक पहुंचाया जा सके और असली दोषियों को जनता के सामने लाया जा सके।
5 जनवरी की रात का पूरा घटनाक्रम – दरोगा का दावा
दरोगा के मुताबिक,
5 जनवरी 2026 की रात वह रात्रि गणना के बाद प्रभारी निरीक्षक के कार्यालय गया था। वहां से उसे 3 और 4 जनवरी की रात भीमसेन जंक्शन पर हुई तेल चोरी की घटना की जांच के लिए आरपीएफ थाना प्रभारी अजय कुमार मीणा से संपर्क करने को कहा गया।
फोन पर संपर्क न होने पर वह खुद भीमसेन जंक्शन पहुंचा।
रात करीब 9 बजे आरपीएफ प्रभारी वहां पहुंचे और तेल चोरी से जुड़ी जानकारी साझा की।
दरोगा का दावा है कि पूरी बातचीत और गतिविधि का सीसीटीवी फुटेज स्टेशन परिसर में मौजूद है।
तेल चोरी केस में पत्रकार शिवबरन को बुलाया
पत्र में दरोगा ने लिखा कि
आरपीएफ प्रभारी ने तेल चोरी में शामिल लोगों की जांच करने के बाद
उससे अपने स्तर पर पूछताछ करने को कहा।
इसी दौरान पहले से नामजद पत्रकार शिवबरन यादव का नाम सामने आया,
जिसके बाद उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया।
शिवबरन ने अकेले में बात करने की बात कही,
जिस पर आरपीएफ प्रभारी ने कहा –
“जहां चाहो बुला लो, हमें सिर्फ जानकारी चाहिए।”
इसके बाद दोनों सोना रेलवे क्रॉसिंग पहुंचे।
40 मिनट तक चली पूछताछ
दरोगा के अनुसार,
सोना क्रॉसिंग पर शिवबरन से करीब 40 मिनट तक पूछताछ हुई।
इसी दौरान आरपीएफ प्रभारी के मोबाइल पर कॉल आ रही थी,
जिसे लेकर शिवबरन ने रिकॉर्डिंग की आशंका जताई।
हालांकि आरपीएफ प्रभारी ने इसे निजी कॉल बताया।
घर लौटते समय मिले दो युवक
पूछताछ के बाद दरोगा वापस थाने की ओर जा रहा था।
रास्ते में उसे दो युवक नशे की हालत में मिले।
पूछने पर युवकों ने बताया –
वे खेत की ओर किसी को ढूंढने जा रहे हैं,
शायद उनकी बहन उधर गई है।
दरोगा का दावा है कि
उसने उनसे कहा –
“कोई दिक्कत हो तो चौकी आ जाना।”
इसके बाद दोनों युवक खेत की ओर चले गए
और दरोगा घर लौट गया।
सुबह लगा रेप का आरोप
दरोगा ने लिखा कि
सुबह उठने पर उसे जानकारी मिली कि
वही युवक उस पर रेप का आरोप लगा रहे हैं।
इसकी सूचना उसने सचेंडी थाना प्रभारी को दी।
पत्र में यह भी लिखा गया है कि
पीड़िता लगातार एक पत्रकार सुधीर से फोन पर बात कर रही थी
और उन्हीं के निर्देश पर काम कर रही थी।
दरोगा का दावा है कि
इस बातचीत की रिकॉर्डिंग
उसने थाने के सीयूजी नंबर पर भेजी है।
लव अफेयर का भी किया दावा
दरोगा ने पत्र में दावा किया कि
पीड़िता का पंचमपुरवा इलाके के एक युवक से प्रेम संबंध था।
उसने मांग की कि –
✔ आरपीएफ प्रभारी के बयान दर्ज किए जाएं
✔ पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जाए
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
घटना के बाद सोशल मीडिया पर
दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
इन वीडियो में –
आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या
और कथित पत्रकार शिवबरन यादव
पीड़िता से पूछताछ करते नजर आ रहे हैं।
आरोप है कि
पूछताछ का पूरा वीडियो
दरोगा ने चोरी-छिपे बनवाया।
पीड़िता के भाई ने की पहचान
एक वायरल वीडियो में –
पीड़िता का भाई शिवबरन को पहचानते हुए कहता है –
“बहन को खींचने वालों में एक यही था।”
इसके बाद शिवबरन
गाली-गलौज करते और धमकाते नजर आता है।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी
मूकदर्शक बने रहते हैं।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
दूसरे वीडियो में –
दरोगा कुर्सी पर बैठा नजर आता है,
जबकि पीड़िता और उसका भाई खड़े दिखाई देते हैं।
वीडियो में –
किशोरी शिवबरन को पहचान लेती है
लेकिन दरोगा को पहचानने से इनकार कर देती है।
पूरे मामले के बाद
पुलिस की कार्यप्रणाली पर
गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अब तक की कार्रवाई
✔ अब तक 5 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
✔ मुख्य आरोपी दरोगा अब भी फरार
✔ एसआईटी और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच
निष्कर्ष
इनामी दरोगा के इस पत्र के बाद
मामला और ज्यादा पेचीदा हो गया है।
अब देखना होगा कि
जांच किस दिशा में जाती है
और पीड़िता को कब इंसाफ मिलता है।
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