कानपुर कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष बने वीरेंद्र गुलाटी

कानपुर। उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी कपड़ा मंडी कही जाने वाली कानपुर कपड़ा कमेटी के चुनाव में...

कानपुर : मंदिर के पास गोवंश के अवशेष मिलने से मचा बवाल, इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड..

कानपुर। बिल्हौर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मंदिर के पास प्रतिबंधित...

कानपुर गैंगरेप केस: 4 पेज के पत्र में आरोपी दरोगा ने खुद को बताया निर्दोष, कहा – तेल चोरी की जांच करने गया था।

कानपुर-किशोरी के साथ गैंगरेप मामले में एक सप्ताह से फरार चल रहे आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या ने...

स्कॉर्पियो में हैवानियत: खाकी और कलम दोनों शर्मसार, नाबालिग से गैंगरेप के बाद घर के बाहर फेंकी गई बच्ची, DCP हटे, इंस्पेक्टर सस्पेंड।

कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानून के रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो इंसाफ की उम्मीद किससे की जाए?...

Kanpur स्कॉर्पियो में हैवानियत: खाकी और कलम दोनों शर्मसार, नाबालिग से गैंगरेप के बाद घर के बाहर फेंकी गई बच्ची, DCP हटे, इंस्पेक्टर सस्पेंड।

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महाठग रवींद्र सोनी पर अब तक 28 FIR: चार NRI के साथ 5.13 करोड़ की ठगी की थी, गृह जनपद ट्रांसफर किए गए केस

कानपुर : महाठग रवींद्र नाथ सोनी और उसके साथियों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने चार और मुकदमे दर्ज किए...

कानपुर : गंगा बैराज पर ‘परिवर्तन प्रगति स्तंभ’ का भव्य उद्घाटन, नारी सशक्तिकरण का सशक्त संदेश।

कानपुर-नारी सशक्तिकरण को समर्पित “परिवर्तन प्रगति स्तंभ” का आज गंगा बैराज पर माननीय विधायक श्रीमती...

कानपुर हेल्थ कॉन्क्लेव में बना ‘स्वस्थ कानपुर’ का रोडमैप, सभी चिकित्सा पद्धतियाँ एक मंच पर।

कानपुर-स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर स्वरूप कैसे प्रदान किया जाए—“ए रोडमैप टू बैटर हेल्थकेयर सर्विसेज...

Kanpur : धामपुर के राघव वशिष्ठ और फाबिया नफीस ने जीता दोहरा खिताब…

कानपुर। द स्पोर्ट्स हब (टीएसएच) में हुई केके शर्मा मेमोरियल यू पी स्टेट क्लोज स्क्वैश रैकेट...

Kanpur News : 200 रुपए के लिए दोस्त की हत्या: शराब पिलाकर नंगा किया, बेल्टों से पीटा, फिर ईंट से सिर कूंच डाला..

कानपुर। महज 200 रुपए की उधारी ने एक दोस्ती को खूनी अंजाम तक पहुंचा दिया। कानपुर में चाचा-भतीजे ने...
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Mukhtar Ansari Death: माफिया डॉन मुख्‍तार अंसारी की गुरुवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई. यूपी पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान जिन बड़े गैंगस्‍टर को मौत के घाट उतारा उनमें विकास दूबे से मुन्‍ना बजरंगी तक बड़े-बड़े नाम शामिल हैं.

माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार को बांदा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई. वो हत्‍या, लूट, डकैती जैसे एक दो नहीं बल्कि कुल 65 मामलों में आरोपी था. हालांकि एक सच यह भी है कि मुख्‍तार अंसारी जैसे एक दर्जन से भी अधिक गैंगस्‍टर बीते पांच सालों में या तो मौत हो गई या फिर वो सलाखों के पीछे भेज दिए गए. यह कहना गलत नहीं होगा कि उत्‍तर प्रदेश में बीते पांच सालों में माफिया राज पूरी तरह से खत्‍म हो गया. यूपी पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान जिन बड़े गैंगस्‍टर को मौत के घाट उतारा उनमें विकास दूबे, मुन्‍ना बजरंगी समेत अन्य नाम शामिल हैं।

विकास दुबे ने उस वक्‍त पुलिस टीम पर गोलियां बरसा दी थी जब वो उसे घर से गिरफ्तार करने पहुंचे थे. बाद में उज्‍जैन से उसे पकड़कर वापस उत्‍तर प्रदेश लाया जा रहा था. इस दौरान भागने के प्रयास में उसका पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था. अतिक और उसके भाई अशरफ अहमद की बात की जाए तो अस्‍पताल में मेडिकल कराने के लिए पुलिस टीम उन्‍हें इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज ले गई थी. परिसर में ही अज्ञात लोगों ने दोनों भाईयों की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी. अतिक का बेटा असद झांसी में पुलिस एनकाउंटर के दौरान मारा गया था. उसपर 5 लाख का ईनाम घोषित था. मुन्‍ना बजरंगी की बात करें तो बागपत जेल में सुबह 4 बजे उसे पुलिस द्वारा लाया गया था. करीब एक घंटे बाद सुबह 5 बजे जेल परिसर में ही उसकी हत्‍या हो गई थी.

धीमा जहर देने का आरोप
मुख्तार ने हाल ही में दावा किया था कि उसे धीमा जहर देकर मारने की कोशिश की जा रही है. न्यूज18 के पास मुख्तार अंसारी का आखिरी मेडिकल बुलेटिन मौजूद है. इसमें कार्डियक अरेस्ट की वजह से मौत होने की बात कही गई है. पांच लाइन के इस बुलेटिन में लिखा गया है, “आज सायं 8.25 बजे सिद्धदोष/विचाराधीन बंदी मुख्तार अंसारी पुत्र सुभानल्लाह उम लगभग 63 वर्ष को जेल कार्मिकों द्वारा रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा के आकस्मिक विभाग में उल्टी की शिकायत और बेहोशी की हालत में लाया गया. मरीज को नौ डॉक्टरों की टीम ने द्वारा तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई. परंतु भरसक प्रयासों के बावजूद कार्डियक अरेस्ट के कारण मरीज की मृत्यु हो गई.

जेल सूत्रों के मुताबिक, जेल में मुख्तार की तबीयत पर नजर बनाए रखने के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया गया था. उसकी सेहत में सुधार नहीं होने और हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे दोबारा मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया था.


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