कानपुर के “हर्षद मेहता” शेयर ब्रोकर संजय सोमानी को 22 करोड़ के घोटाले में 3 और सीए को 5 साल की सजा।

वर्ष 1994 में इलाहाबाद बैंक कानपुर में हुआ था घोटाला, 30 साल बाद आया फैसला लखनऊ। बहुचर्चित संजय...

IAS-IPS अफसरों की सियासत में एंट्री : आज इस्तीफा कल चुनाव।

IAS-IPS In Politics : 1993 में केंद्रीय गृह सचिव नरिंदर नाथ वोहरा की अगुआई में एक कमेटी बनी। इसे...

IIT से बीटेक, फिर IPS और अब IAS टॉपर काफी रोचक है आदित्य श्रीवास्तव की कहानी

आदित्य के पिता अजय श्रीवास्तव सेंट्रल ऑडिट डिपार्टमेंट में AAO के पद पर कार्यरत हैं। छोटी बहन...

कानपुर लोकसभा चुनाव 2024 : विकास के लिए समर्पित सांसद को चुनेंगे मतदाता।

(अभय त्रिपाठी) कानपुरः यूपी की कानपुर लोकसभा सीट को मैनचेस्टर ऑफ यूपी के नाम से जानी जाती है।...

Kanpur : भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी ने इंडी गठबंधन के प्रभाव वाले कैन्ट, आर्यनगर और सीसामऊ में तेज की कदमताल..

आर्यनगर की गलियों में जाकर जनता से मिले, मिला जनसमर्थन कानपुर। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ...

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-आर्यनगर की गलियों में जाकर जनता से मिले, मिला जनसमर्थन कानपुर। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ...

इतिहास के पन्नों में : कानपुर के इस इलाके को आखिर कैसे मिला तिलक नगर नाम??

(अभय त्रिपाठी) कानपुर : उत्तर प्रदेश की राजधानी तो नहीं है, पर इस सूबे का सबसे खास शहर तो है। एक...

#Kanpur : लोकसभा प्रत्याशी आलोक मिश्र और विधायक समेत 200 लोगों पर केस दर्ज, अमिताभ बोले लोकतंत्र नहीं लाठीतंत्र।

यूपी के कानपुर (Kanpur) में इंडिया गठबंधन (India Alliance) के लोकसभा प्रत्याशी और समाजवादी पार्टी...

Kanpur : चोरों के हौसले बुलंद,स्वरूप नगर में दिनदहाड़े चोर स्कूटी लेकर रफूचक्कर।

कानपुर : बेखौफ अपराधी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए शहर में ताबड़तोड़ चोरी की वारदातों...

Kanpur News : मरीजों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं हैः मुख्य सचिव

कानपुर। प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि मरीजों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है।...
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Mukhtar Ansari Death: माफिया डॉन मुख्‍तार अंसारी की गुरुवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई. यूपी पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान जिन बड़े गैंगस्‍टर को मौत के घाट उतारा उनमें विकास दूबे से मुन्‍ना बजरंगी तक बड़े-बड़े नाम शामिल हैं.

माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार को बांदा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई. वो हत्‍या, लूट, डकैती जैसे एक दो नहीं बल्कि कुल 65 मामलों में आरोपी था. हालांकि एक सच यह भी है कि मुख्‍तार अंसारी जैसे एक दर्जन से भी अधिक गैंगस्‍टर बीते पांच सालों में या तो मौत हो गई या फिर वो सलाखों के पीछे भेज दिए गए. यह कहना गलत नहीं होगा कि उत्‍तर प्रदेश में बीते पांच सालों में माफिया राज पूरी तरह से खत्‍म हो गया. यूपी पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान जिन बड़े गैंगस्‍टर को मौत के घाट उतारा उनमें विकास दूबे, मुन्‍ना बजरंगी समेत अन्य नाम शामिल हैं।

विकास दुबे ने उस वक्‍त पुलिस टीम पर गोलियां बरसा दी थी जब वो उसे घर से गिरफ्तार करने पहुंचे थे. बाद में उज्‍जैन से उसे पकड़कर वापस उत्‍तर प्रदेश लाया जा रहा था. इस दौरान भागने के प्रयास में उसका पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था. अतिक और उसके भाई अशरफ अहमद की बात की जाए तो अस्‍पताल में मेडिकल कराने के लिए पुलिस टीम उन्‍हें इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज ले गई थी. परिसर में ही अज्ञात लोगों ने दोनों भाईयों की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी. अतिक का बेटा असद झांसी में पुलिस एनकाउंटर के दौरान मारा गया था. उसपर 5 लाख का ईनाम घोषित था. मुन्‍ना बजरंगी की बात करें तो बागपत जेल में सुबह 4 बजे उसे पुलिस द्वारा लाया गया था. करीब एक घंटे बाद सुबह 5 बजे जेल परिसर में ही उसकी हत्‍या हो गई थी.

धीमा जहर देने का आरोप
मुख्तार ने हाल ही में दावा किया था कि उसे धीमा जहर देकर मारने की कोशिश की जा रही है. न्यूज18 के पास मुख्तार अंसारी का आखिरी मेडिकल बुलेटिन मौजूद है. इसमें कार्डियक अरेस्ट की वजह से मौत होने की बात कही गई है. पांच लाइन के इस बुलेटिन में लिखा गया है, “आज सायं 8.25 बजे सिद्धदोष/विचाराधीन बंदी मुख्तार अंसारी पुत्र सुभानल्लाह उम लगभग 63 वर्ष को जेल कार्मिकों द्वारा रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा के आकस्मिक विभाग में उल्टी की शिकायत और बेहोशी की हालत में लाया गया. मरीज को नौ डॉक्टरों की टीम ने द्वारा तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई. परंतु भरसक प्रयासों के बावजूद कार्डियक अरेस्ट के कारण मरीज की मृत्यु हो गई.

जेल सूत्रों के मुताबिक, जेल में मुख्तार की तबीयत पर नजर बनाए रखने के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया गया था. उसकी सेहत में सुधार नहीं होने और हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे दोबारा मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया था.


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