कानपुर में एआई पर मंथन, रोटरी गैलेक्सी ने कराया संवाद : छोटे कारोबार के लिए एआई बनेगा गेमचेंजर..

कानपुर। रोटरी क्लब ऑफ कानपुर गैलेक्सी की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित “प्रैक्टिकल एआई:...

कांग्रेस विधायक के बयान पर गरमाई सियासत, कानपुर में बोले एमपी सीएम—राहुल गांधी देश से माफी मांगें

कानपुर।मध्य प्रदेश के एक कांग्रेस विधायक द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए अभद्र बयान पर राजनीतिक...

कानपुर : कैबिनेट मंत्री की बेटी की शादी में VVIP जमावड़ा, CM योगी समेत कई दिग्गज पहुंचे।

कानपुर।कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की बेटी राशि सचान की शादी में शामिल होने के लिए रविवार को कानपुर...

कानपुर कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष बने वीरेंद्र गुलाटी

कानपुर। उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी कपड़ा मंडी कही जाने वाली कानपुर कपड़ा कमेटी के चुनाव में...

कानपुर : मंदिर के पास गोवंश के अवशेष मिलने से मचा बवाल, इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड..

कानपुर। बिल्हौर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मंदिर के पास प्रतिबंधित...

कानपुर गैंगरेप केस: 4 पेज के पत्र में आरोपी दरोगा ने खुद को बताया निर्दोष, कहा – तेल चोरी की जांच करने गया था।

कानपुर-किशोरी के साथ गैंगरेप मामले में एक सप्ताह से फरार चल रहे आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या ने...

स्कॉर्पियो में हैवानियत: खाकी और कलम दोनों शर्मसार, नाबालिग से गैंगरेप के बाद घर के बाहर फेंकी गई बच्ची, DCP हटे, इंस्पेक्टर सस्पेंड।

कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानून के रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो इंसाफ की उम्मीद किससे की जाए?...

Kanpur स्कॉर्पियो में हैवानियत: खाकी और कलम दोनों शर्मसार, नाबालिग से गैंगरेप के बाद घर के बाहर फेंकी गई बच्ची, DCP हटे, इंस्पेक्टर सस्पेंड।

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महाठग रवींद्र सोनी पर अब तक 28 FIR: चार NRI के साथ 5.13 करोड़ की ठगी की थी, गृह जनपद ट्रांसफर किए गए केस

कानपुर : महाठग रवींद्र नाथ सोनी और उसके साथियों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने चार और मुकदमे दर्ज किए...

कानपुर : गंगा बैराज पर ‘परिवर्तन प्रगति स्तंभ’ का भव्य उद्घाटन, नारी सशक्तिकरण का सशक्त संदेश।

कानपुर-नारी सशक्तिकरण को समर्पित “परिवर्तन प्रगति स्तंभ” का आज गंगा बैराज पर माननीय विधायक श्रीमती...
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यूपी सरकार ने साल 2015 में सीसामऊ में हुए हिन्दू-मुस्लिम के बीच हुई हिंसा मामले में आरोपियों पर से केस वापस लेने की घोषणा की है. आरोप है कि सपा विधायक इरफान सोलंकी के दबाव में इन्हें दंगे का आरोपी मानते हुए जेल भेजा गया था. साल 2015 में दर्शनपुरवा इलाके में नवरात्रि और मोहर्रम एकसाथ पड़े थे. ऐसे में नवरात्रि में भंडारे के बीच से मोहर्रम का ताजिया निकाला गया था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी से शुरू हुई और फिर ये हिंसा तक पहुंच गई. इस हिंसा को लेकर दर्शन पुरवा क्षेत्र के करीब 50 लोगों को पुलिस ने चिन्हित किया था लेकिन, उस वक्त सपा की प्रदेश सरकार थी और इरफान सोलंकी यहां से विधायक थे।

32 लोगों पर लगे मुकदमे होंगे वापस
आरोप लगा कि इरफान सोलंकी के दबाव में 32 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर जेल भेज दिया था. लेकिन, अब जब खुद इरफान सोलंकी जेल में हैं और सीसामऊ सीट पर उपचुनाव हो रहा है ऐसे में बीजेपी ने नई बिसात बिछा दी है. बीजेपी ने चुनावी फ़ायदा लेने के लिए इन सभी पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का फैसला लिया है।

मुकदमे वापस होने के बाद आरोपियों ने इस पर ख़ुशी जताई है. इसी मामले में आरोपी मनीष ने कहा कि वो हर साल माता के भंडारे का आयोजन करते थे उस साल भी कार्यक्रम कर रहे थे लेकिन, दूसरे पक्ष ने भंडारे की ओर से जुलूस निकाला. इसी दौरान मामूली सी बात में बवाल हो गया. मनीष ने कहा कि इसके बाद अन्य लोगों के साथ उनके खिलाफ भी मुक़दमा दर्ज कर लिया गया था।

योगी सरकार ने किया फैसला
एक और आरोपी सौरभ ने कहा कि उसका भाई पवन भंडारे के कार्यक्रम में मौजूद था. वो तो अपने घर पर ही थे लेकिन जब बवाल हुआ तो सपा विधायक के दबाव में आकर उन्हें भी आरोपी बना दिया गया. लेकिन, अब शासन स्तर पर इन पर लगे मुक़दमों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

कानपुर जिला न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता दिलीप अवस्थी ने भी इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि इन 32 लोगों पर सपा सरकार के दवाब में मुकदमा लिखा गया था. ये सभी गरीब तबके से ताल्लुक रखते है और रोज कमाने-खाने वाले लोग थे. सरकार ने इस मुकदमे को वापस लेने का फैसला किया है शासन की ओर से जो पत्र आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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