कानपुर।
कोडीन युक्त कफ सीरप और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से आरोपी विनोद अग्रवाल महज छह साल में अरबपति बन गया। जांच में सामने आया है कि उसने कानपुर के सिविल लाइंस में करीब 10 करोड़ का प्लॉट, पटकापुर में फ्लैट और बिरहाना रोड में करोड़ों का मकान खरीदा। हरियाणा से गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
औषधि लाइसेंस बना नशे के कारोबार की ढाल
विनोद ने वर्ष 2019 में अग्रवाल ब्रदर्स के नाम से जेनरिक और शेड्यूल-H ड्रग्स का लाइसेंस लिया। इसके बाद उसने फुटकर बिक्री बंद कर थोक सप्लाई शुरू कर दी और देखते-ही-देखते यूपी का बड़ा सुपर स्टॉकिस्ट बन गया।
नेपाल-बांग्लादेश तक नशे की सप्लाई
जांच में सामने आया कि हिमाचल से दवाएं मंगवाकर यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम के साथ-साथ नेपाल और बांग्लादेश तक कोडीन सिरप की सप्लाई की जा रही थी।
अब तक करीब 20 लाख बोतल कोडीन सिरप की बिक्री सामने आई है, लेकिन 4.50 करोड़ रुपये कीमत की 8.50 लाख बोतलें अभी भी लापता हैं।
पिता से दोगुना कारोबार बेटे के नाम
एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा के अनुसार विनोद ने अपने नाम, बेटे शिवम अग्रवाल और भाभी के नाम पर कई फर्में खड़ी कीं।
विनोद की फर्म: सालाना 6–7 करोड़ का कारोबार
बेटे शिवम की फर्म: सिर्फ एक साल में 15 करोड़ का कारोबार, फिर अचानक फर्म बंद
अब सवाल उठ रहा है—मुनाफे में चल रही फर्म क्यों बंद की गई?
333 कंपनियों से लेनदेन, भारी फर्जीवाड़ा
GST डाटा से खुलासा हुआ कि विनोद ने दावा 47 कंपनियों का किया, लेकिन असल में 333 कंपनियों को दवाएं सप्लाई दिखाई गईं।
कई मामलों में—
सप्लाई एक फर्म से, पेमेंट दूसरी फर्म में
एडवांस पेमेंट का कोई रिकॉर्ड नहीं
ई-वे बिल और GST नियमों का खुला उल्लंघन
25% रकम का अब तक नहीं मिला सोर्स
जांच में यह भी सामने आया कि विनोद 50–60 लाख रुपये प्रतिमाह की बिक्री करता था, जिसमें से करीब 25% रकम का सोर्स संदिग्ध है। इस पैसे को राउंड-ट्रिपिंग के जरिए अलग-अलग फर्मों में घुमाया गया।
बैंक लोन, CC लिमिट और खातों से पैसा उड़ाया
1.50 से 2 करोड़ की CC लिमिट
3 करोड़ का हाउस लोन
मुकदमा दर्ज होते ही खातों से रकम निकाली गई
35 लाख रुपये 8–10 खातों में फ्रीज
अंतरराष्ट्रीय तस्करी और NDPS एक्ट के गंभीर आरोप
विनोद अग्रवाल पर—
NDPS श्रेणी की दवाओं का अवैध व्यापार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी
कूटरचित दस्तावेज तैयार करने
जैसे गंभीर आरोप हैं। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था।
फिलहाल क्राइम ब्रांच और एसआईटी दो साल के वित्तीय लेनदेन का एनालिसिस कर रही है। बेटे शिवम समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस नशे के नेटवर्क की पूरी परतें खुलने की उम्मीद है।

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