Kanpur: यूजीसी (UGC) 2026 के नए नियमों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया है। 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी और बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट रह चुके अलंकार अग्निहोत्री के इस फैसले के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, उनके पैतृक जनपद कानपुर में समर्थकों द्वारा स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे में सरकार पर शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई अहम मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि यूजीसी में प्रस्तावित बदलावों और प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना के विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया।
सरकारी आवास खाली, सामान कानपुर रवाना
इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली स्थित अपना सरकारी आवास खाली कर दिया है। उनका घरेलू सामान मिनी ट्रक के जरिए कानपुर स्थित पैतृक घर भेजा गया है। अलंकार मूल रूप से कानपुर के केशवनगर, डब्ल्यू-ब्लॉक के निवासी हैं। इस्तीफे के बाद से ही वह लगातार चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।
संघर्षों से भरा रहा जीवन
अलंकार अग्निहोत्री का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता विजय कुमार का वर्ष 1986 में निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां गीता देवी ने बैंक में क्लर्क की नौकरी कर चार बेटों और एक बेटी का पालन-पोषण किया। अलंकार परिवार के सबसे बड़े बेटे हैं और उन्होंने पहले अपने भाई-बहनों को आत्मनिर्भर बनाया।
शैक्षणिक उपलब्धियों की बात करें तो अलंकार ने 12वीं कक्षा में प्रदेश में 21वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने आईआईटी बीएचयू से बीटेक किया और आईटी सेक्टर में नौकरी भी की। वर्ष 2019 में उन्होंने पहले ही प्रयास में पीसीएस परीक्षा पास कर प्रदेश में 15वीं रैंक प्राप्त की।
कई जिलों में दी सेवाएं
पीसीएस अधिकारी के रूप में अलंकार अग्निहोत्री ने लखनऊ, उन्नाव और बलरामपुर जैसे जिलों में एसडीएम के तौर पर सेवाएं दीं। प्रशासनिक सेवा के दौरान वह अपने सख्त और स्पष्ट फैसलों के लिए पहचाने जाते रहे।
परिवार खुलकर साथ
नौकरी छोड़ने के फैसले के बाद जहां उनकी मां इस फैसले से भावनात्मक रूप से आहत हैं, वहीं पूरा परिवार अलंकार के साथ मजबूती से खड़ा नजर आ रहा है।
राजेश अग्निहोत्री (भाई) ने कहा,
“अलंकार ने यह फैसला बहुत सोच-समझकर लिया है। यह फैसला युवाओं और जनहित से जुड़ा हुआ है। पूरा परिवार उनके साथ है।”
बढ़ती हलचल
अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद यूजीसी 2026 के नियमों को लेकर चल रहे विरोध को नई धार मिलने की चर्चा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।

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