कानपुर पुलिस को नया तेवर और नई दिशा मिलती दिख रही है। नव नियुक्त संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय/अपराध) संकल्प शर्मा ने कार्यभार संभालते ही साफ शब्दों में कहा है कि अब लंबित विवेचनाओं में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साक्ष्यों के आधार पर त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
वर्ष 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी संकल्प शर्मा सोमवार को सँयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय/अपराध) के रूप में पदभार ग्रहण करते ही एक्शन मोड में नजर आए। देवरिया, बस्ती, हापुड़, बदायूं और लखीमपुर खीरी जैसे संवेदनशील जिलों में एसपी रह चुके संकल्प शर्मा प्रशासनिक दृढ़ता और परिणाम देने वाली कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।
करीब चार वर्ष पूर्व कानपुर नगर में एसपी ट्रैफिक के तौर पर सेवाएं दे चुके जेसीपी संकल्प शर्मा शहर की नब्ज से पूरी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस लाइन, थाने और कार्यालय सिर्फ इमारत नहीं, बल्कि पुलिसिंग की रीढ़ हैं, इसलिए बुनियादी ढांचे को आधुनिक, सुरक्षित और कार्यक्षम बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के आवास की समस्या अब इतिहास बनने वाली है। कई थानों में आवासीय भवनों का निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। इसके साथ ही चार मंजिला ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिससे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी।
सम्मानों से सजी सेवा, जिम्मेदारी में और मजबूती
मूल रूप से जयपुर निवासी संकल्प शर्मा के पास केमिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक और हाइड्रोकार्बन में एम.टेक जैसी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि है। 1 जनवरी को उन्हें पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) के पद पर पदोन्नति मिली।
उत्कृष्ट, अनुशासित और प्रभावशाली पुलिसिंग के लिए उन्हें
डीजी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर – 2020,
डीजी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर – 2022,
डीजी कमेंडेशन डिस्क प्लैटिनम – 2024
जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
साफ है—कानपुर पुलिस में अब न केवल फाइलें चलेंगी, बल्कि नतीजे भी दिखेंगे।
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