कानपुर के पनकी स्थित एचडीएफसी बैंक से जुड़ा ‘मैं ठाकुर हूं’ वाला वायरल वीडियो अब नया मोड़ ले चुका है। वीडियो में दिख रही महिला कर्मचारी आस्था सिंह की सफाई के बाद अब उसी बैंक की पूर्व कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी भी सामने आ गई हैं। दोनों महिलाओं के बयानों के बाद यह मामला जातिगत टिप्पणी बनाम बैंक के अंदरूनी विवाद की बहस में बदल गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आस्था सिंह गुस्से में खुद को ठाकुर बताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग करती नजर आती हैं। वीडियो सामने आने के बाद आस्था सिंह ने एक अलग वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उस दिन उनसे पहले उनकी जाति पूछी गई थी और उनके साथ अभद्रता की गई थी। इसी गुस्से में उन्होंने अपनी जाति बताई। आस्था का कहना है कि उन्होंने जातिवाद की शुरुआत नहीं की और उन्हें जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है।
आस्था सिंह के अनुसार, वीडियो 6 जनवरी का है। उस दिन ऋतु त्रिपाठी बैंक में इस्तीफा देकर रिलिविंग लेटर लेने आई थीं। नियमों के अनुसार कैश काउंटर से जुड़े कर्मचारियों को कैश टैली और नोटिस पीरियड पूरा करने के बाद ही रिलीव किया जाता है, लेकिन ऋतु उसी दिन रिलीविंग चाहती थीं। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा।
आस्था ने आरोप लगाया कि पहले सुबह ऋतु की ननद से हल्की कहासुनी हुई थी और शाम को माहौल और तनावपूर्ण हो गया। उन्होंने कहा कि वीडियो का सिर्फ एक हिस्सा काटकर एक महीने बाद वायरल किया गया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा।
वहीं, अब इस पूरे मामले में ऋतु त्रिपाठी ने आस्था सिंह के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। ऋतु का कहना है कि उन्होंने कभी जातिवाद नहीं किया और न ही किसी कर्मचारी से बदसलूकी की। उन्होंने कहा कि वह बैंक में रिजाइन देने गई थीं और बैंक के समय और काम के दबाव से परेशान थीं।
ऋतु त्रिपाठी ने कहा कि आस्था खुद बार-बार यह कहती थीं कि वह ठाकुर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जाति की बात की जाए तो वह खुद ब्राह्मण हैं, लेकिन उन्होंने कभी अपनी जाति का रौब नहीं दिखाया। उनके अनुसार, आस्था बैंक में नई थीं और कुछ ही दिनों में कर्मचारियों से इस तरह की भाषा में बात कर रही थीं।
ऋतु ने बताया कि उनका आठ महीने का बच्चा है और देर रात तक बैंक में रुकना उनके लिए मुश्किल हो रहा था। समय को लेकर लगातार तंज कसे जाते थे, जिससे परेशान होकर उन्होंने इस्तीफा दिया।
इस बीच, आस्था सिंह ने आरोप लगाया है कि वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर गंभीर धमकियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ आपत्तिजनक और हिंसक टिप्पणियां की गईं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हैं। अब वह धमकी देने वालों और वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही हैं।
फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पनकी थाना पुलिस के अनुसार, तहरीर मिलने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रायल और अधूरी सच्चाई के बीच उलझा हुआ है।

Recent Comments