कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानून के रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो इंसाफ की उम्मीद किससे की जाए? कानपुर में 14 साल की नाबालिग से स्कॉर्पियो में गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में लापरवाही बरतने पर DCP वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी को पद से हटाकर हेडक्वार्टर से अटैच कर दिया गया है, जबकि सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है।

स्कॉर्पियो में किडनैप, दो घंटे तक दरिंदगी
सोमवार रात करीब 10 बजे सचेंडी थाना क्षेत्र की रहने वाली 14 साल की किशोरी घर से बाहर निकली थी। तभी स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने उसे जबरन गाड़ी में खींच लिया। आरोप है कि इनमें से एक पुलिस दरोगा था और दूसरा कथित पत्रकार। दोनों आरोपी किशोरी को रेलवे ट्रैक के किनारे सुनसान इलाके में ले गए, जहां स्कॉर्पियो के अंदर ही गैंगरेप किया गया।
करीब दो घंटे बाद जब बच्ची की हालत बिगड़ने लगी, तो आरोपी उसे घर के बाहर बेहोशी की हालत में फेंककर फरार हो गए।

चौकी से भगाया गया पीड़ित परिवार
रात करीब 12 बजे परिजनों ने बच्ची को घर के बाहर बदहवास हालत में देखा। डायल-112 पर सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को भीमसेन चौकी ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने बताया कि एक आरोपी पुलिसकर्मी है, तो चौकी पुलिस ने उन्हें भगा दिया। मंगलवार को अफसरों से शिकायत के बाद FIR तो दर्ज हुई, लेकिन आरोपियों के नाम हटाकर केस अज्ञात में दर्ज कर दिया गया।

POCSO न लगाने का आरोप, इंस्पेक्टर सस्पेंड
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने माना कि शुरुआती स्तर पर गंभीर लापरवाही हुई। आरोप है कि इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने जानबूझकर पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं लगाईं और तथ्यों में तोड़-मरोड़ की। इसी आधार पर उन्हें सस्पेंड किया गया।
दरोगा-पत्रकार नामजद, एक गिरफ्तार, दूसरा फरार
पीड़िता के बयान के बाद बिठूर थाने में तैनात दरोगा अमित कुमार मौर्या और पत्रकार शिवबरन को नामजद किया गया। कथित पत्रकार शिवबरन को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या फरार है घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो (UP 78 JJ 9331) को पुलिस ने जब्त कर लिया है। यह गाड़ी दरोगा अमित की बताई जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें गठित की गई हैं।

ADCP को सौंपी जिम्मेदारी
गैंगरेप मामले की जांच ADCP वेस्ट कपिल देव सिंह को सौंपी गई है। उन्होंने सचेंडी में रेलवे ट्रैक के पास घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के दुकानदारों से पूछताछ की गई और फोरेंसिक टीम ने मौके से अहम सबूत जुटाए।
धमकियों से दहशत में परिजन
पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया कि दरोगा अमित कुमार मौर्या ने धमकाते हुए कहा था—अगर मेरा नाम आया तो तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई कर दूंगा।”
मेडिकल के बाद भी किशोरी को देर रात तक घर नहीं भेजा गया। उसका मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिया। परिजन आरोपी दरोगा की धमकियों से डरे हुए हैं।
पूर्व सांसद सुभाषिनी अली बोलीं— सरकार दे रही बलात्कारियों को संरक्षण

कबहुचर्चित नाबालिग गैंगरेप मामले में आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या को लेकर पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपी दरोगा कुछ समय पहले तक भीमसेन चौकी प्रभारी के पद पर तैनात था। कुछ दिन पूर्व डीसीपी वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी द्वारा उसका तबादला बिठूर थाने में कर दिया गया था, लेकिन अब तक उसकी औपचारिक रवानगी नहीं हो सकी थी।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, भीमसेन चौकी के नए प्रभारी अवकाश पर थे, इसी कारण आरोपी दरोगा का क्षेत्र में आना-जाना बना रहा। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दरोगा की स्थानीय पत्रकार शिवबरन से दोस्ती थी और दोनों को कई बार साथ जाते हुए देखा गया था। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आरोपी दरोगा के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। घटना की जानकारी मिलने पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पूर्व सांसद सुभाषिनी अली पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से मिलने पहुंचीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर को भी यह जानकारी है कि दरोगा इस जघन्य घटना में शामिल है।
पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा, “पूरे देश में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा रेप के मामले सामने आ रहे हैं। महिलाओं की स्थिति बेहद खराब है। सरकार में बैठे लोग बलात्कारियों को संरक्षण दे रहे हैं।”

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