कानपुर। महज 200 रुपए की उधारी ने एक दोस्ती को खूनी अंजाम तक पहुंचा दिया। कानपुर में चाचा-भतीजे ने मिलकर अपने ही दोस्त की बेहद नृशंस तरीके से हत्या कर दी। पहले शराब पिलाई, फिर कपड़े उतरवाकर बेल्टों से पीटा और अंत में इंटरलॉकिंग की ईंट से सिर और चेहरा कूंचकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने घटना के 9 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मृतक की पहचान राहुल अवस्थी के रूप में हुई है, जो रमईपुर स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप पर सेल्समैन था। चार दिन से काम पर न जाने के कारण 22 दिसंबर को उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसी दौरान राहुल ने अपने दोस्त कामता शर्मा से 200 रुपए उधार लिए थे। कई बार पैसे मांगने पर राहुल टाल-मटोल करता रहा।
गाली-गलौज से बनी हत्या की वजह
आरोपी कामता शर्मा ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि दो दिन पहले वह और राहुल साथ में शराब पी रहे थे। इसी दौरान उसने उधारी वापस मांगी, जिस पर राहुल ने मां-बहन की गालियां दीं। इससे गुस्साए कामता ने उसी वक्त राहुल को मार डालने का मन बना लिया और अपने भतीजे मोहित के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली।
शराब के बहाने बुलाया, फिर उतारा मौत के घाट
रविवार रात कामता ने राहुल को शराब पीने के लिए बुलाया। राहुल अपनी बाइक से पहले पिता रामप्रकाश अवस्थी को मोबाइल फोन देने गया, फिर आरोपियों के साथ साकेत नगर से शराब खरीदी। तीनों निराला नगर रेलवे ग्राउंड पहुंचे, जहां शराब पी गई। इसके बाद जब फिर से पैसे मांगे गए और राहुल ने इनकार कर दिया, तो चाचा-भतीजे ने मिलकर उसे बेल्टों से पीटना शुरू कर दिया।
राहुल जैकेट पहने था, इसलिए पहले उसके कपड़े उतारे गए और फिर नंगा कर बेल्टों से बेरहमी से पिटाई की गई। इसके बाद इंटरलॉकिंग की ईंट से सिर और चेहरे पर वार कर उसकी हत्या कर दी गई।
नग्न हालत में मिला शव, कुत्तों ने नोचा
सोमवार सुबह निराला नगर रेलवे ग्राउंड में जलपरी प्रदर्शनी के पीछे राहुल का शव नग्न अवस्था में पड़ा मिला। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने पुलिस को सूचना दी। शव के पास ही उसकी बाइक खड़ी थी, जिसमें चाबी लगी हुई थी। मौके पर उसके कपड़े और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का लोगो लगी जैकेट पड़ी मिली। कुत्तों ने राहुल के चेहरे, कंधे और शरीर के अन्य हिस्सों को बुरी तरह नोच डाला था।
CCTV से खुला राज, 9 घंटे में गिरफ्तारी
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। ऑयल डिपो के सामने लगे कैमरे में कामता बाइक पर बैठा हुआ कैद मिला। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। इसके बाद भतीजे मोहित को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि हत्या की सूचना मिलते ही चार टीमों का गठन किया गया था। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से 9 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि हत्या इतनी निर्ममता से की गई कि आरोपियों के चेहरे पर कोई शिकन तक नहीं थी।
महज 200 रुपए के लिए की गई यह हत्या नशे, गुस्से और गिरते मानवीय मूल्यों की भयावह तस्वीर पेश करती है।

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