कानपुर में बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री को हिरासत में लेने से नाराज वकील हंगामा कर रहे हैं। वह नवाबगंज थाने को घेरकर धरने पर बैठे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल समेत अन्य आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। 10 थानों का फोर्स मौके पर पहुंची है। PAC को भी बुलाया गया है।
कानपुर पुलिस ने बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को हिरासत में ले लिया। 100 से अधिक वकील उनको छोड़ने की मांग पर अड़े हैं। पुलिस ने उन्हें छोड़ा नहीं है, तो वह जमकर नारेबाजी करने लगे हैं। पिछले 4 घंटे से थाने में वकीलों का हंगामा जारी है। पुलिस कमिश्नर वकीलों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
पूछताछ के लिए पुलिस लेकर गई थी
शनिवार शाम करीब 5 बजे नवाबगंज पुलिस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को हत्या के एक पुराने मामले में पकड़कर थाने ले गई। इसके बाद बार एसोसिएशन के महामंत्री अमित सिंह के साथ 100 से अधिक अधिवक्ता थाने पहुंच गए।
वकीलों ने पुलिस पर गलत कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। राकेश तिवारी को न छोड़ने पर अधिवक्ता थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। पूर्व महामंत्री को न छोड़ने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
महामंत्री बोले- पुलिस कमिश्नर गलत फंसा रहे
हंगामे की जानकारी पर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूर्व महामंत्री से पूछताछ की। वकीलों का हंगामा देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने कोहना, कल्याणपुर, रावतपुर, स्वरूप नगर, कर्नलगंज, ग्वालटोली समेत करीब 10 थानों का फोर्स बुला लिया। इसके साथ ही पीएसी भी तैनात की गई। करीब 4 घंटे बीतने के बाद भी थाने में अधिवक्ताओं की नारेबाजी जारी है।
महामंत्री अमित सिंह का कहना है कि पुलिस अधिवक्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। पुलिस कमिश्नर राकेश तिवारी को हत्या के मुकदमे में फंसाना चाहते हैं। उन्हें 4 घंटे से थाने में बिठाए हुए हैं। जिस केस में पुलिस राकेश को फंसाना चाहती है, उसका मुकदमा साल 2021 का है।
साल 2022 में केस में चार्जशीट आ चुकी है। कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। राकेश को अगर नहीं छोड़ा गया तो हम लोग सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। कचहरी परिसर में पुलिस ड्यूटी बंद करेंगे। लखनऊ जांएगे। वहां सीएम योगी से मिलेंगे, अपनी बात रखेंगे। विधानसभा का घेराव करेंगे।
सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे
अगर पुलिस प्रशासन होश में नहीं आता है, तो हम लोग अनशन करेंगे। पुलिस के पास राकेश तिवारी के खिलाफ कोई सुबूत नहीं है। संगठित होकर पुलिस अधिकारी राकेश को फंसाना चाह रहे हैं। इसकी जानकरी हम लोगों को हो गई थी। इसको लेकर हम लोग कई बार पुलिस कमिश्नर से मिले।
उन्हें बताया कि राकेश तिवारी गलत नहीं है। इसके बाद भी पुलिस ने हम लोगों की एक न सुनी। अब आरपार की लड़ाई होगी। अगर कोई अधिवक्ता जेल जाता है तो पुलिसकर्मी भी जेल जाएगा। ये हमारा वादा है। न्याय पालिका के माध्यम से हम जेल भेजेंगे। पुलिस राकेश तिवारी को घर से उठा कर लाई है, इसके मेरे पास फुटेज हैं।
वही जेसीपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि एक वकील और 2 कारोबारियों से पूछताछ जारी है। किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। 2021 में वकील की हत्या के मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। पीड़ित ने अप्रैल-25 में अर्जी दी थी। कार्रवाई न होने पर फिर अर्जी दी थी, जिस पर अग्रिम विवेचना जारी है।

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