कानपुर-स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर स्वरूप कैसे प्रदान किया जाए—“ए रोडमैप टू बैटर हेल्थकेयर सर्विसेज इन कानपुर” विषय पर मुस्कुराए कानपुर – कानपुर हेल्थ कमेटी के तत्वावधान में आयोजित कानपुर हेल्थ कॉन्क्लेव ने शहर को स्वस्थ बनाने की दिशा में एक नई पहल की। कॉन्क्लेव का शुभारंभ महापौर प्रमिला पांडे ने करते हुए कहा कि स्वास्थ्य किसी भी शहर की खुशहाली का सूचक होता है। यह शहर हमारा है और इसे स्वस्थ व सुंदर बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि निदेशक कार्डियोलॉजी डॉ. राकेश वर्मा ने कहा कि शहर की बेहतरी के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों का एक मंच पर आना ऐतिहासिक कदम है। बिना मंथन के अमृत नहीं निकलता, और यह कॉन्क्लेव उसी दिशा में सार्थक प्रयास है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने कहा कि समाज के आगे बढ़ने से सरकार की योजनाएं स्वतः प्रभावी होंगी।

वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने स्वास्थ्य जागरूकता को बीमारियों की रोकथाम का सशक्त माध्यम बताया और कहा कि आयुर्वेद हमारे देश का ब्रांड है, जिसे नई सोच के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने कहा कि स्वास्थ्य जागरूकता ही सर्वोपरि लक्ष्य होना चाहिए। कानपुर हेल्थ कमेटी के संस्थापक डॉ. सिधांशु राय ने कहा कि शहर की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए समाज, चिकित्सक और सरकार—तीनों को मिलकर आगे आना होगा। प्रभावी प्रबंधन के बिना स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ नहीं हो सकतीं। हेल्थ कॉन्क्लेव से स्वस्थ कानपुर का ठोस रोडमैप तैयार होगा। समन्वयक डॉ. शरद बाजपेई ने कहा कि कानपुर में पहली बार देश की विभिन्न मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धतियाँ एक मंच साझा कर आम नागरिक के हित में साथ आई हैं। कॉन्क्लेव से प्राप्त सुझाव प्रशासन को भी सौंपे जाएंगे और कमेटी वार्ड स्तर तक सेवाएं पहुंचाएगी।

संरक्षक डॉ. उमेश पालीवाल ने शहर हेल्थ चार्टर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। हैप्पीनेस सेंटर की अवधारणा को भी महत्वपूर्ण बताया। डॉ. राजतिलक ने कहा कि कानपुर में जली यह मशाल शहर की स्वास्थ्य दिशा और दशा बदलने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। आरोग्यधाम के डॉ. हेमंत मोहन ने समाज के अंतिम पायदान तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का आह्वान किया। कॉन्क्लेव के दोनों सत्रों में विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए—वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. ए.एस. प्रसाद: अब समाज को कुछ देने का समय है; स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन कर सुधार जरूरी। प्रो. नीरज कुमार (सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट): चिकित्सा क्षेत्र में नैतिकता, सुलभ व किफायती सेवाओं पर जोर; राम किट का महत्व बताया।
डॉ. आदित्य अग्रवाल (रीजेंसी हॉस्पिटल): गुणवत्ता स्वास्थ्य सेवाएं समय की मांग; मेडिकल टूरिज्म की संभावनाएं। प्रो. विकास मिश्रा (पूर्व आईएमए सचिव, जीएसवीएम): विभागों के बीच बेहतर समन्वय, निगरानी और प्रभावी प्रबंधन। डॉ. एस.के. सिंह (डेल्टा हॉस्पिटल): चिकित्सक समाज सेवा में आगे आएं, युवाओं के रोल मॉडल बनें; कानपुर दक्षिण में मेडिकल हब की संभावना।
डॉ. बी.एन. आचार्य (वरिष्ठ होम्योपैथ): सभी चिकित्सा पद्धतियों में सम्मान व सहयोग। डॉ. अवध दुबे (नेत्र सर्जन): स्कूल–कॉलेज में स्वास्थ्य शिक्षा, हेल्थ क्लब की स्थापना। डॉ. शिवाकांत मिश्रा (आईएमए पूर्व अध्यक्ष): डॉक्टर–प्रशासन समन्वय और समुदाय की भागीदारी। विशेष शुक्ला (मीडिया एक्सपर्ट): स्वास्थ्य व शिक्षा शहर की शीर्ष प्राथमिकताएं; निरंतर जागरूकता अभियान। डॉ. सपन गुप्ता (उर्सला): मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण; वैलनेस सेंटर की आवश्यकता। नितिन सारस्वत (पारस हॉस्पिटल): गुणवत्ता सुधार और समाज के साथ मिलकर कार्य। सचिव डॉ. अमरनाथ कश्यप: स्वस्थ कानपुर से ही विकसित कानपुर होगा। सभी विशेषज्ञों ने कानपुर हेल्थ कमेटी के साथ जुड़कर कार्य करने की सहमति दी।

योगाचार्य डॉ. ओम प्रकाश आनंद ने योग व ध्यान को जीवनशैली का अभिन्न अंग बताया। पूर्व डीजीएमई डॉ. वी.एन. त्रिपाठी ने पूरे कॉन्क्लेव का सार प्रस्तुत करते हुए इसे मुस्कुराए कानपुर हेल्थ कमेटी का सकारात्मक कदम बताया।
डॉ. मनीष बिश्नोई (बिश्नोई हॉस्पिटल) ने कहा कि कमेटी शहर में हेल्थ फोरम के रूप में कार्य करेगी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमरनाथ कश्यप एवं गीता मिश्रा ने किया। आयोजन समिति सदस्यों—डॉ. मनीष बिश्नोई, डॉ. हेमंत मोहन, डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. नरेंद्र पांडे, संजय मेहरोत्रा, अनिल गुप्ता—ने वार्ड स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता और हेल्थ कॉल सेंटर की आवश्यकता बताई।
मॉडरेटर के रूप में डॉ. राजतिलक एवं डॉ. सिधांशु राय उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में रिटायर्ड आईपीएस रतन कुमार श्रीवास्तव, रिटायर्ड कर्नल सिद्दीकी, बलराम नरूला, गुलशन धूपर, डॉ. डी.पी. शिवहरे, डॉ. कामायनी शर्मा, राजेश ग्रोवर सहित 100 से अधिक चिकित्सक, तथा पारस हॉस्पिटल, रीजेंसी हॉस्पिटल, कनिका हॉस्पिटल, पालीवाल डायग्नोस्टिक, बिश्नोई हॉस्पिटल, डेल्टा हॉस्पिटल के प्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।

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