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दादानगर में 65 करोड़ की लागत से बना अत्याधुनिक परिसर, दिसंबर या जनवरी में होगा उद्घाटन।

कानपुर : उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य की पहली फ्लैटेड फैक्ट्री (Flatted Factory Complex) कानपुर के दादानगर औद्योगिक क्षेत्र में पूरी तरह तैयार हो चुकी है। यह बहुमंजिला औद्योगिक परिसर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को नई दिशा देने वाला मॉडल साबित हो सकता है। यह परियोजना केंद्र और प्रदेश सरकार के संयुक्त सहयोग से 65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की गई है। करीब 6101 वर्ग मीटर भूमि पर फैला यह परिसर भूतल सहित चार मंजिला इमारत के रूप में विकसित किया गया है। इसमें कुल 150 औद्योगिक इकाइयों को स्थापित किया जा रहा है, जिनमें से 70 प्रतिशत यूनिट्स का आवंटन पहले ही पूरा हो चुका है।

फ्लैटेड फैक्ट्री: एक नए औद्योगिक युग की शुरुआत

फ्लैटेड फैक्ट्री का उद्देश्य पारंपरिक उद्योग संरचना से हटकर ऐसा मॉडल प्रस्तुत करना है, जिसमें छोटे उद्यमी कम जगह और न्यूनतम लागत में अपना उत्पादन कार्य शुरू कर सकें। अब छोटे उद्योगों को न तो जमीन की भारी कीमतों से जूझना पड़ेगा, न ही अलग-अलग जगहों पर बिखरे रहने की मजबूरी होगी।

होजरी, टेक्सटाइल और व्हाइट गुड्स की इकाइयां लगेंगी

उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम (UPSIDC) के अधीक्षण अभियंता प्रभात कुमार बाजपेई के अनुसार, “इस फ्लैटेड फैक्ट्री में होजरी, रेडीमेड, टेक्सटाइल और व्हाइट गुड्स सेक्टर की यूनिट्स स्थापित की जा रही हैं। इनमें से 30 प्रतिशत से अधिक इकाइयां महिला उद्यमियों को आवंटित की गई हैं, जिन्हें रजिस्ट्री पर स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।” व्हाइट गुड्स यानी ऐसे उपकरण जिनसे पर्यावरण प्रदूषण अत्यंत कम होता है, को प्राथमिकता दी जा रही है। परियोजना को फायर सेफ्टी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पूर्ण स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि केस्को द्वारा ट्रांसफार्मरों के परीक्षण कार्य अंतिम चरण में हैं।

उद्घाटन की तैयारी

फ्लैटेड फैक्ट्री का विधिवत उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के अनुरूप दिसंबर या जनवरी में प्रस्तावित है। अधिकारियों के अनुसार, परिसर में सभी बुनियादी सुविधाओं का काम लगभग पूरा हो चुका है।

होजरी इंडस्ट्री को नई पहचान

कानपुर की पहचान वर्षों से “होजरी इंडस्ट्री” से रही है, परंतु अब तक यह उद्योग शहरभर में बिखरे कुटीर रूप में संचालित होता आया है।
फ्लैटेड फैक्ट्री की शुरुआत से सैकड़ों छोटे उद्यमियों को एक ही परिसर में उत्पादन, प्रशिक्षण और विपणन की सुविधा मिलेगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस कॉम्प्लेक्स के संचालन के बाद कानपुर की होजरी इंडस्ट्री की वार्षिक वृद्धि दर 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। इसके साथ ही, कोलकाता और तिरुपुर जैसे राष्ट्रीय केंद्रों को टक्कर देने की दिशा में कानपुर की स्थिति और मजबूत होगी।

औद्योगिक आत्मनिर्भरता की ओर कदम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस परियोजना की नींव रखे जाने के बाद से ही सरकार का लक्ष्य स्पष्ट रहा है -“प्रदेश को एमएसएमई के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को गति देना।” फ्लैटेड फैक्ट्री जैसे प्रोजेक्ट से न केवल औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए हजारों रोजगार अवसर भी निर्मित होंगे। दादानगर स्थित यह फ्लैटेड फैक्ट्री कानपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए औद्योगिक विकास का मॉडल प्रोजेक्ट सिद्ध हो सकती है। कम समय में, सीमित स्थान पर, आधुनिक सुविधाओं के साथ कई उद्योगों का एक साथ संचालन — यही वह विचार है जो यूपी को एक नई औद्योगिक पहचान देने जा रहा है।
कानपुर एक बार फिर “उद्योग नगरी” कहलाने की दिशा में अग्रसर है।


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