कानपुर के युवा उद्यमी देवांश का कमाल, Shark Tank India में चयन…

कानपुर। शहर के लिए गर्व की बात है कि कानपुर के युवा उद्यमी देवांश का चयन देश के लोकप्रिय बिज़नेस...

Kanpur : डफरिन अस्पताल के Dr सुधीर कुमार द्विवेदी हुए सम्मानित।

फिजियोकनेक्ट-6 इंटरनेशनल फिजियोथेरेपी सम्मेलन का आयोजन द मायरा फाउंडेशन द्वारा द नॉर्थकैप...

कानपुर: सुहागरात टालता रहा पति, पत्नी ने नपुंसकता छिपाकर शादी का लगाया आरोप; 38 लाख खर्च का दावा

कानपुर की एक नवविवाहिता ने पति पर नपुंसकता की बात छिपाकर शादी करने का आरोप लगाते हुए ससुराल पक्ष...

Kanpur : दूल्हा बने बाबा आनंदेश्वर, महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब; लाखों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

कानपुर। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शहर शिवभक्ति में डूबा नजर आया। परमट स्थित श्री आनंदेश्वर...

कानपुर को मिलेगा विश्वस्तरीय क्रिकेट हब: 350 करोड़ से बदलेगा ग्रीन पार्क स्टेडियम का स्वरूप, बढ़ेंगे अंतरराष्ट्रीय व IPL मैच..

कानपुर। शहर के ऐतिहासिक क्रिकेट मैदान ग्रीन पार्क स्टेडियम को अब विश्वस्तरीय बनाने की तैयारी शुरू...

कानपुर में अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा हमला, बोले— ‘स्मार्ट सिटी नहीं, बदनामपुर बन गया शहर’

कानपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर दौरे के दौरान भारतीय जनता...

कानपुर पहुंचने से पहले जाम में फंसे अखिलेश यादव, वीडियो शेयर कर सरकार पर साधा निशाना

कानपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार को कानपुर पहुंचने से पहले गंगा...

कानपुर में बोले शिवपाल यादव — यूपी में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं

कानपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने शुक्रवार को कानपुर दौरे के दौरान प्रदेश...

Kanpur लेंबोर्गिनी कांड : 7 घंटे में आरोपी शिवम मिश्रा रिहा, पुलिस की 14 दिन की रिमांड अर्जी खारिज..

कानपुर : तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी से 6 लोगों को टक्कर मारने के आरोपी अरबपति कारोबारी के बेटे शिवम...

कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड: 5 टीमों की दबिश के बाद शिवम मिश्रा गिरफ्तार, ‘सरेंडर ड्रामा’ फेल… कोर्ट में गिरफ्तारी पर उठे सवाल।

कानपुर की सड़कों पर 12 करोड़ की रफ्तार ने 6 जिंदगियों को रौंदा… और अब इस हाई प्रोफाइल हादसे में...
Information is Life


Stock Market: मनीकंट्रोल की Exclusive खबर के मुताबिक-गाज सूरत, नोएडा, दिल्ली NCR, जयपुर, रांची, कोल्हापुर समेत कई शहरों के रिटेल निवेशकों और ट्रेडर्स पर गिरी है. पैसे डूबने के बाद अब निवेशक न्याय की गुहार लगा रहे हैं.

मनीकंट्रोल की Exclusive खबर के मुताबिक-सूरत से शुरू हुआ एक कथित प्रॉप ट्रेडिंग फ्रॉड अब देशभर में फैल चुका है और इसे हाल के वर्षों का सबसे बड़ा अनरेगुलेटेड ट्रेडिंग स्कैम माना जा रहा है. शुरुआत में यह मामला 5 करोड़ रुपये का बताया गया था, लेकिन अब नुकसान का आंकड़ा 150 करोड़ रुपये से भी ज्यादा होने का अनुमान है. गाज सूरत, नोएडा, दिल्ली NCR, जयपुर, रांची, कोल्हापुर समेत कई शहरों के रिटेल निवेशकों और ट्रेडर्स पर गिरी है. पैसे डूबने के बाद अब निवेशक न्याय की गुहार लगा रहे हैं.

कहां से शुरू हुआ पूरा खेल
यह मामला Green Wall Enterprises (Greenvol Enterprises) नाम की फर्म से शुरू हुआ, जो कथित तौर पर Jainam Stock Broking के एजेंट की तरह काम कर रही थी.नियम के मुताबिक, कोई भी ब्रोकर केवल Registered Authorised Person (AP) के जरिए ही लिमिट और क्लाइंट ऑनबोर्डिंग दे सकता है, लेकिन Green Wall एक अनऑथराइज्ड मॉडल के जरिए प्रॉप ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों को लिमिट, ट्रेडिंग टर्मिनल और हाई लीवरेज मुहैया करा रहा था.
अगस्त 2025 में अचानक Green Wall के प्रमुख कर्ताधर्ता गायब हो गए, ट्रेडिंग टर्मिनल बंद कर दिए गए और निवेशकों के खाते फ्रीज कर दिए गए. यहीं से झटका लगना शुरू हुआ.

नोएडा तक कैसे फैला जाल
Green Wall से जुड़ी एक और फर्म iTrade Associates (Greater Noida), जिसे दर्शन जोशी (DJ) चला रहे थे, वह भी इसी मॉडल से निवेशकों से पैसे लेकर ट्रेडिंग लिमिट दे रही थी.

बाजार सूत्रों की मानें तो केवल इस फर्म से 40 करोड़ रुपये तक डूबे हो सकते हैं, हालांकि पुलिस में दर्ज शिकायत में यह रकम 22.06 करोड़ रुपये बताई गई है.

क्यों अंतर है-क्योंकि कई निवेश ट्रस्ट पर, कैश में या बिना किसी लिखित रिकॉर्ड के दिए गए — इसलिए असली नुकसान आधिकारिक आंकड़ों से काफी ज्यादा बताया जा रहा है.

निवेशकों की आपबीती
इस घोटाले में फंसे कृष्ण यादव (पूर्व मर्चेंट नेवी कैप्टन) ने बताया मैंने जिंदगी भर की कमाई लगा दी थी. अब पूंजी भी गई, और ट्रेडिंग से जो इनकम आती थी, वो भी खत्म. आज मेरे पास कुछ नहीं बचा. कृष्ण के मुताबिक, उन्हें बताया गया था कि मार्जिन मनी Green Wall के जरिए DB Wealth और Ashapura Commodities से Jainam Stock Broking तक भेजी जाती है, लेकिन Jainam ने इससे साफ इनकार कर दिया.

Jainam Stock Broking ने ईमेल बयान में बताया कि Green Wall Enterprises से हमारा कोई संबंध नहीं. वह न हमारे एजेंट हैं, न कोई लेन-देन हुआ है. इस केस से हमारा कोई लेना-देना नहीं यानी निवेशक जिस फर्म को Jainam का एक्सटेंशन समझकर पैसा दे रहे थे, वह आधिकारिक तौर पर कभी जुड़ी ही नहीं थी.

मनीकंट्रोल की Exclusive खबर के मुताबिक-सूरत से शुरू हुआ एक कथित प्रॉप ट्रेडिंग फ्रॉड अब देशभर में फैल चुका है और इसे हाल के वर्षों का सबसे बड़ा अनरेगुलेटेड ट्रेडिंग स्कैम माना जा रहा है. शुरुआत में यह मामला 5 करोड़ रुपये का बताया गया था, लेकिन अब नुकसान का आंकड़ा 150 करोड़ रुपये से भी ज्यादा होने का अनुमान है. गाज सूरत, नोएडा, दिल्ली NCR, जयपुर, रांची, कोल्हापुर समेत कई शहरों के रिटेल निवेशकों और ट्रेडर्स पर गिरी है. पैसे डूबने के बाद अब निवेशक न्याय की गुहार लगा रहे हैं.

कहां से शुरू हुआ पूरा खेल
यह मामला Green Wall Enterprises (Greenvol Enterprises) नाम की फर्म से शुरू हुआ, जो कथित तौर पर Jainam Stock Broking के एजेंट की तरह काम कर रही थी.नियम के मुताबिक, कोई भी ब्रोकर केवल Registered Authorised Person (AP) के जरिए ही लिमिट और क्लाइंट ऑनबोर्डिंग दे सकता है, लेकिन Green Wall एक अनऑथराइज्ड मॉडल के जरिए प्रॉप ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों को लिमिट, ट्रेडिंग टर्मिनल और हाई लीवरेज मुहैया करा रहा था.

अगस्त 2025 में अचानक Green Wall के प्रमुख कर्ताधर्ता गायब हो गए, ट्रेडिंग टर्मिनल बंद कर दिए गए और निवेशकों के खाते फ्रीज कर दिए गए. यहीं से झटका लगना शुरू हुआ.

नोएडा तक कैसे फैला जाल
Green Wall से जुड़ी एक और फर्म iTrade Associates (Greater Noida), जिसे दर्शन जोशी (DJ) चला रहे थे, वह भी इसी मॉडल से निवेशकों से पैसे लेकर ट्रेडिंग लिमिट दे रही थी.

बाजार सूत्रों की मानें तो केवल इस फर्म से 40 करोड़ रुपये तक डूबे हो सकते हैं, हालांकि पुलिस में दर्ज शिकायत में यह रकम 22.06 करोड़ रुपये बताई गई है.

क्यों अंतर है-क्योंकि कई निवेश ट्रस्ट पर, कैश में या बिना किसी लिखित रिकॉर्ड के दिए गए — इसलिए असली नुकसान आधिकारिक आंकड़ों से काफी ज्यादा बताया जा रहा है.

निवेशकों की आपबीती
इस घोटाले में फंसे कृष्ण यादव (पूर्व मर्चेंट नेवी कैप्टन) ने बताया मैंने जिंदगी भर की कमाई लगा दी थी. अब पूंजी भी गई, और ट्रेडिंग से जो इनकम आती थी, वो भी खत्म. आज मेरे पास कुछ नहीं बचा. कृष्ण के मुताबिक, उन्हें बताया गया था कि मार्जिन मनी Green Wall के जरिए DB Wealth और Ashapura Commodities से Jainam Stock Broking तक भेजी जाती है, लेकिन Jainam ने इससे साफ इनकार कर दिया.

Jainam Stock Broking ने ईमेल बयान में बताया कि Green Wall Enterprises से हमारा कोई संबंध नहीं. वह न हमारे एजेंट हैं, न कोई लेन-देन हुआ है. इस केस से हमारा कोई लेना-देना नहीं यानी निवेशक जिस फर्म को Jainam का एक्सटेंशन समझकर पैसा दे रहे थे, वह आधिकारिक तौर पर कभी जुड़ी ही नहीं थी.

दर्शन जोशी (DJ) ने खुद को भी पीड़ित बताते हुए कहा
“मैं सभी निवेशकों के साथ हूं. मैंने सूरत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और नोएडा में भी FIR करने वाला हूं. पैसा वापस दिलाने की पूरी कोशिश कर रहा हूं.”

असल नुकसान 150 करोड़ से भी ज्यादा?शुरुआत में यह घोटाला 5 करोड़ का माना गया, लेकिन अब इंडस्ट्री सूत्र बता रहे हैं कि:
वास्तविक नुकसान 150 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है.कई लोग शर्म या कार्रवाई के डर से शिकायत दर्ज नहीं करा रहे.कुछ निवेशक यह उम्मीद लगाए हैं कि ब्रोकर चुपचाप सेटलमेंट कर देगा (हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं).

गिरफ्तारी और जांच
मुख्य आरोपी: नितिन शाह और हिरेन जादव
हिरेन जादव गिरफ्तार, नितिन शाह अभी भी फरार
केस की जांच सूरत पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) कर रही है.
14 अगस्त 2025 को ही ट्रेडिंग टर्मिनल्स बंद कर दिए गए थे.

यह कैसे हुआ? बड़ा सवाल
अब सवाल यह उठ रहा है-क्या नियामकीय ढांचे में कोई खामी (grey area) है? या यह नियमों की अनदेखी और लालच का नतीजा है?क्या निवेशकों को प्रॉप ट्रेडिंग और लीवरेज के खेल की सही समझ दी जा रही है?क्यों अनौपचारिक (unregistered) मॉडल धड़ल्ले से फल-फूल रहे हैं?SEBI और एक्सचेंज समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन ऐसे मामले बताते हैं कि धोखेबाज सिस्टम की दरारों का फायदा उठाने में माहिर हैं.

निवेशकों के लिए सबक
Unregistered ट्रेडिंग मॉडल से दूर रहें
हाई रिटर्न / हाई लीवरेज के चक्कर में न पड़ें
ब्रोकर और AP की SEBI रजिस्ट्रेशन डिटेल जरूर चेक करें
कैश/पर्सनल अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कभी न करें
“ट्रस्ट बेस्ड” ट्रेडिंग कोई बिजनेस मॉडल नहीं, बल्कि खतरे की घंटी है

आखिरी बात
यह सिर्फ एक घोटाला नहीं, बल्कि रिटेल ट्रेडर्स की जागरूकता, लीवरेज आधारित लालच और रेगुलेटरी खामियों की कहानी भी है.पेपर पर रिटर्न का सपना दिखाकर, असल जिंदगी में कई निवेशकों की पूंजी, भरोसा और कमाई तीनों खत्म हो चुकी हैं.

Tags
fraudonline fraudStock Market


Information is Life