Jyoti Murder Case Kanpur: हत्यारें पीयूष को न्यायालय से राहत नहीं…

अपर जिला जज कोर्ट ने 2022 में सुनाई थी छह को उम्र कैद की सजा.. उच्च न्यायालय से नहीं मिली राहत तो...

Kanpur लायर्स चुनाव का परिणाम घोषित,अध्यक्ष श्याम नारायण सिंह और अभिषेक तिवारी बने महामंत्री।

कानपुर : लायर्स एसोसिएशन के नये अध्यक्ष और महामंत्री चुन लिये गये हैं। .बुधवार देर शाम अध्यक्ष पद...

कानपुर के पोस्टर पर मचा बवाल राहुल गांधी ‘कृष्ण’ और अजय राय बने अर्जुन….

राहुल गांधी की भारत जोड़ा न्याय यात्रा कानपुर पहुंची है. कानपुर के एक कांग्रेस नेता द्वारा लगवाया...

पश्चिम बंगाल में रिपब्लिक बांग्ला के रिपोर्टर को किया गिरफ्तार,जर्नलिस्ट क्लब ने की कड़ी निन्दा।

पश्चिम बंगाल में ‘रिपब्लिक बांग्ला’ टीवी न्यूज़ चैनल के पत्रकार सन्तु पान को गिरफ्तार कर लिया गया...

रेड टेप कल्चर’ को ‘रेड कार्पेट कल्चर’ में बदला, UP ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं जब भी विकसित भारत की बात करता हूं तो इसके लिए नई सोच की बात करता...

IPS Amitabh Yash: एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अमिताभ यश बने यूपी के नए ADG ला एंड ऑर्डर, जाने इनके बारे में।

IPS Amitabh Yash: यूपी पुलिस के सबसे चर्चित अधिकारियों में शामिल आईपीएस अमिताभ यश एडीजी ला एंड...

Kanpur News : पूर्व शिक्षा मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक का निधन

पूर्व शिक्षा मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक (71) का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि ठंड लगने से...

यूपी में पांच आईपीएस अफसरों का तबादला। विपिन मिश्रा कानपुर में एडिशनल सीपी।

यूपी में पांच आईपीएस अफसरों का तबादला। विपिन मिश्रा कानपुर में एडिशनल सीपी। कमलेश दीक्षित डीसीपी...

#Kanpur News : जेके कैंसर बने रीजनल सेंटर, बढ़ेंगी सुविधाएं…

➡️चौथी बार उठी मांग, विधानसभा की याचिका कमेटी को दिया गया पत्र। कानपुर। जेके कैंसर को रीजनल सेंटर...

राज्यसभा चुनाव: सुधांशु त्रिवेदी, अमरपाल मौर्या और आरपीएन सिंह बीजेपी से प्रत्याशी, बीजेपी ने जारी की सूची

Rajya Sabha elections: राज्यसभा की दस सीटों के लिए होने वाले चुनाव में बीजेपी की तरफ से सुंधाशु...
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लखनऊ की एक अदालत में गैंगस्टर संजीव जीवा की हत्या कर दी गई है. बुधवार 7 जून को संजीव जीवा सुनवाई के लिए कोर्ट पहुंचा था. उसी दौरान वकील के भेस में आए हमलावर ने उसे गोली मार दी. गोली लगते ही जीवा अदालत परिसर में गिर गया और वहीं दम तोड़ दिया. यूपीटीवी लाइव को इसका वीडियो भी मिला है. इसमें संजीव परिसर की फर्श पर उल्टा लेटा हुआ है. ऐसी भी जानकारी आ रही है कि घटना में एक-दो और लोग घायल हुए हैं. फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

संजीव जीवा यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला था, वो फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद था. उसे गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी का करीबी बताया जाता था. जीवा की हत्या के बाद अदालत के अंदर और बाहर जबरदस्त अफरातफरी का माहौल देखने को मिला. इस दौरान वकीलों की तरफ से काफी हंगामा किए जाने की भी रिपोर्ट है. घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

कौन था संजीव जीवा?
उत्तर प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा जितना खेती-किसानी के लिए प्रख्यात है, उतना ही गैंगस्टर और अपराधियों के लिए कुख्यात रहा . भाटी गैंग, बदन सिंह बद्दो, मुकीम काला गैंग और न जाने कितने अपराधियों के बीच संजीव माहेश्वरी का भी नाम जुर्म की दुनिया में पनपा. 90 के दशक में संजीव माहेश्वरी ने अपना खौफ पैदा शुरू किया, फिर धीरे-धीरे वो पुलिस व आम जनता के लिए सिर दर्द बनता चला गया. हाल में शामली पुलिस ने उसी की गैंग के एक शख्स को एके-47 और सैकड़ों कारतूसों और तीन मैगजीन के साथ पकड़ा था.

संजीव जीवा मुजफ्फरनगर का रहने वाला था. अपराध की दुनिया में आने से पहले वो एक मेडिकल स्टोर में कंपाउंडर की नौकरी करता था. इसी नौकरी के दौरान जीवा ने मेडिकल स्टोर के मालिक को ही अगवा कर लिया था. इस घटना के बाद उसने 90 के दशक में कोलकाता के एक कारोबारी के बेटे का भी अपहरण किया. फिरौती दो करोड़ की मांगी थी. इसके बाद जीवा हरिद्वार की नाजिम गैंग में घुसा और फिर सतेंद्र बरनाला के साथ जुड़ा. लेकिन उसके अंदर अपनी गैंग बनाने की तड़प थी.

10 फरवरी 1997 को हुए ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड के चलते संजीव जीवा का नाम संगीन अपराधी के रूप में जाना जाने लगा. ब्रह्मदत्त द्विवेदी भाजपा के कद्दावर नेता थे. उनकी हत्या के मामले में संजीव जीवा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. थोड़े दिनों बाद जीवा मुन्ना बजरंगी गैंग में घुस गया. इसी कड़ी में उसका संपर्क मुख्तार अंसारी से हुआ. बताया जाता है कि कि मुख्तार को आधुनिक हथियारों का शौक था और जीवा के पास हथियारों को जुटाने का तिकड़मी नेटवर्क. इसके चलते उसे अंसारी का खासा अटेंशन मिला. आगे चलकर दोनों का नाम कृष्णानंद राय हत्याकांड में आया. हालांकि इस मामले में 2005 में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया था.

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा पर 22 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए. इनमें से 17 मामलों में संजीव बरी हो चुका था. वो काफी समय से जेल में था. उस पर वहीं रहते हुए गैंग चलाने के आरोप लगते रहे. कुछ समय पहले उसकी संपत्ति भी प्रशासन द्वारा कुर्क की गई थी.


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