IIT कानपुर में मेडिकल रिसर्च के लिए स्कूल आफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नालॉजी बनाने के लिए यूपी कैबिनेट मीटिंग में 50 करोड़ का प्रस्ताव पास।

विज्ञापन यूपी : CM योगी आद‍ित्‍यनाथ ने कैब‍िनेट मीट‍िंग में मंगलवार को कई बड़े फैसले ल‍िए गए हैं।...

Modi Cabinet Ministers List: ग्राफिक्स में देखें पीएम की नई टीम, 30 कैबिनेट मंत्री, राम-रक्षा मोहन सबसे युवा

Modi 3.0 Cabinet: नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। उनके बाद...

Terrorist Attack: जम्मू कश्मीर के रियासी में श्रद्धालुओं से भरी बस पर आतंकियों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, खाई में गिरने से 10 की मौत।

Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर में रविवार को तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस खाई में गिर गई. यह...

UptvLive Exclusive : Kanpur के Don D-2 गैंग लीडर अतीक पहलवान की आगरा Central Jail में मौत।

Uttar Pradesh के Kanpur Nagar और आसपास के जनपदों में करीब चार दशक तक आतंक के पर्याय रहे D-2 गिरोह...

जाजमऊ आगजनी केस में सपा विधायक इरफान सोलंकी को सात साल की सजा, एमपीएमएलए कोर्ट ने सुनाया फैसला

कानपुर के जाजमऊ आगजनी मामले में दोषी करार दिए गए सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी व...

Kanpur : रेड क्रॉस ने मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल में 15 रोगियों को न्यूट्रिशन सामग्री का किया वितरण।

कानपुर, राज्यपाल उत्तर प्रदेश द्वारा चलाई जा रही टीवी रोग मुक्त मुहिम कार्यक्रम के अनुपालन में आज...

#Kanpur : जाजमऊ आगजनी मामले में इरफान सोलंकी की सदस्यता गई, सीसामऊ सीट जल्द घोषित होगी रिक्त।

उत्तर प्रदेश की सीसामऊ विधानसभा से सपा विधायक इरफान सोलंकी को जाजमऊ आगजनी मामले में कानपुर की...

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UP Lok Sabha Chunav Results 2024 Full List of Winners: यूपी की 80 सीटों के एक साथ यहां देखें नतीजे, कहां से कौन है आगे और पीछे।

UP Loksabha Election Result Live Updates: उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं....

UP LokSabha Result: लखीमपुर सीट से भाजपा के अजय टेनी को मात देते हुए सपा के उत्कर्ष वर्मा बने विजेता

लखीमपुर खीरी में अजय टेनी को मात देते हुए सपा के उत्कर्ष वर्मा चुनाव जीते चुके है. भाजपा के अजय...
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लखनऊ की एक अदालत में गैंगस्टर संजीव जीवा की हत्या कर दी गई है. बुधवार 7 जून को संजीव जीवा सुनवाई के लिए कोर्ट पहुंचा था. उसी दौरान वकील के भेस में आए हमलावर ने उसे गोली मार दी. गोली लगते ही जीवा अदालत परिसर में गिर गया और वहीं दम तोड़ दिया. यूपीटीवी लाइव को इसका वीडियो भी मिला है. इसमें संजीव परिसर की फर्श पर उल्टा लेटा हुआ है. ऐसी भी जानकारी आ रही है कि घटना में एक-दो और लोग घायल हुए हैं. फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

संजीव जीवा यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला था, वो फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद था. उसे गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी का करीबी बताया जाता था. जीवा की हत्या के बाद अदालत के अंदर और बाहर जबरदस्त अफरातफरी का माहौल देखने को मिला. इस दौरान वकीलों की तरफ से काफी हंगामा किए जाने की भी रिपोर्ट है. घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

कौन था संजीव जीवा?
उत्तर प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा जितना खेती-किसानी के लिए प्रख्यात है, उतना ही गैंगस्टर और अपराधियों के लिए कुख्यात रहा . भाटी गैंग, बदन सिंह बद्दो, मुकीम काला गैंग और न जाने कितने अपराधियों के बीच संजीव माहेश्वरी का भी नाम जुर्म की दुनिया में पनपा. 90 के दशक में संजीव माहेश्वरी ने अपना खौफ पैदा शुरू किया, फिर धीरे-धीरे वो पुलिस व आम जनता के लिए सिर दर्द बनता चला गया. हाल में शामली पुलिस ने उसी की गैंग के एक शख्स को एके-47 और सैकड़ों कारतूसों और तीन मैगजीन के साथ पकड़ा था.

संजीव जीवा मुजफ्फरनगर का रहने वाला था. अपराध की दुनिया में आने से पहले वो एक मेडिकल स्टोर में कंपाउंडर की नौकरी करता था. इसी नौकरी के दौरान जीवा ने मेडिकल स्टोर के मालिक को ही अगवा कर लिया था. इस घटना के बाद उसने 90 के दशक में कोलकाता के एक कारोबारी के बेटे का भी अपहरण किया. फिरौती दो करोड़ की मांगी थी. इसके बाद जीवा हरिद्वार की नाजिम गैंग में घुसा और फिर सतेंद्र बरनाला के साथ जुड़ा. लेकिन उसके अंदर अपनी गैंग बनाने की तड़प थी.

10 फरवरी 1997 को हुए ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड के चलते संजीव जीवा का नाम संगीन अपराधी के रूप में जाना जाने लगा. ब्रह्मदत्त द्विवेदी भाजपा के कद्दावर नेता थे. उनकी हत्या के मामले में संजीव जीवा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. थोड़े दिनों बाद जीवा मुन्ना बजरंगी गैंग में घुस गया. इसी कड़ी में उसका संपर्क मुख्तार अंसारी से हुआ. बताया जाता है कि कि मुख्तार को आधुनिक हथियारों का शौक था और जीवा के पास हथियारों को जुटाने का तिकड़मी नेटवर्क. इसके चलते उसे अंसारी का खासा अटेंशन मिला. आगे चलकर दोनों का नाम कृष्णानंद राय हत्याकांड में आया. हालांकि इस मामले में 2005 में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया था.

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा पर 22 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए. इनमें से 17 मामलों में संजीव बरी हो चुका था. वो काफी समय से जेल में था. उस पर वहीं रहते हुए गैंग चलाने के आरोप लगते रहे. कुछ समय पहले उसकी संपत्ति भी प्रशासन द्वारा कुर्क की गई थी.


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