CSA Kanpur News: 100 साल से ज्यादा पुराने संस्थान यूथ को स्टार्टअप देने में फेल एचबीटीयू और सीएसए में स्टार्टअप पर लगा ‘ब्रेक

जहां एक ओर सिटी में आईआईटी सीएसजेएमयू एआईटीडी और यूपीटीटीआई के स्टार्टअप इनोवेशन और इंक्यूबेशन...

कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने युवती से 36 लाख के साइबर फ्रॉड का किया खुलासा, 2 अरेस्ट।

➡️एनजीओ संचालक ने सिक्योरिटी गार्ड के खाते में 36 लाख छह हजार रुपये कराए स्थानांतरित ➡️साइबर थाना...

Kanpur : दबंगो ने प्लाट में किया कब्जा माँग रहे रंगदारी, पुलिस कमिश्नर ने दिए कार्यवाही के निर्देश।

उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने जहाँ सख्त निर्देश जारी कर रखे हैं कि किसी की जमीन पर अवैध...

लखनऊ : रिटायर्ड आईपीएस प्रेम प्रकाश ने ज्वाइन किया बीजेपी।

-BJP ज्वाइन करने पर बोले रिटायर्ड IPS प्रेम प्रकाश –देश का कर्ज उतारने का मौका मिला...

Kanpur : एंडोक्राइन सोसाइटी आफ इंडिया तथा संयोजक डॉ.शिवेन्द्र वर्मा ने सेटेलाइट सिंपोजियम का किया आयोजन।

कानपुर : रविवार को एंडोक्राइन सोसाइटी ऑफ इंडिया की तरफ से डॉक्टर शिवेंद्र वर्मा की अगुआई में...

Uptvlive Kanpur : रील और वीडियो देखना आपको बना रहा है एडिक्ट – चेतन भगत

द स्पोर्ट्स हब ने दिया चेतन भगत से रूबरू होने का मौका लोकप्रिय भारतीय लेखक और प्रेरक वक्ता हैं...

RCB ने किया IPL के इतिहास का सबसे बड़ा कमबैक, RCB ने लगातार 6 Match जीतकर प्लेऑफ के लिये क्वालीफाई किया..

बेंगलुरु: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में ऐसा कभी नहीं हुआ कि कोई टीम सीजन के लीग चरण में अपने पहले...

प्रयागराज : गुंडा एक्ट के दुरुपयोग पर दो माह में हर्जाना देने का निर्देश..

प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक आपराधिक केस के आधार पर जारी गुंडा नियंत्रण कानून की धारा-3 के...

Uptvlive Kanpur : मांग में तेजी से एक हफ्ते में 6 हजार रुपये बढ़ी चांदी, सोने का भी नया रिकार्ड..

कानपुर : जबरदस्त मांग के चलते चांदी की कीमत में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले एक सप्ताह में ही...

जीएसटी पोर्टल की नई पहल: पान मसाला और तंबाकू निर्माताओं के लिए मशीन पंजीकरण और रिपोर्टिंग अनिवार्य

पान मसाला और तंबाकू क्षेत्रों में कर चोरी से निपटने के प्रयास में, जीएसटी पोर्टल ने निर्माताओं के...
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कानपुर। पिछले दिनों एक केंद्रीय मंत्री की ओर से क्षत्रियों पर टिप्पणी करने का मामला कानपुर में भले ही तूल न पकड़ा हो, लेकिन किंग मेकर की भूमिका में रहने वाली ठाकुर बिरादरी का रुख लोकसभा प्रत्याशी भांपने में जुट गए हैं। प्रत्याशियों से लेकर पार्टियां तक यह समझने में जुटी हैं कि ठाकुरों का ठौर कहां होगा, मतलब इनका झुकाव किस ओर होगा।

रविवार को गाजियाबाद में एक जनसभा में बसपा प्रमुख मायावती ने क्षत्रिय समाज की दुखती रग पर हाथ रखते हुए उनके हर कदम पर साथ रहने की बात कही है। मायावती के बयान से एक बार फिर से क्षत्रियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कानपुर की महानगर लोकसभा और अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में करीब साढ़े चार लाख से ज्यादा ठाकुर मतदाता हैं। इसमें सबसे ज्यादा आबादी अकबरपुर क्षेत्र में बसी है।

राजनीतिक दलों की ओर से इस वोट बैंक को अपनी ओर खींचने के लिए अलग-अलग योजना भी बनाई जा रही है। कानपुर की दोनों लोकसभा क्षेत्रों से इस बिरादरी से भाजपा और बसपा ने प्रत्याशी उतारे हैं। बिरादरी के रूप में क्षत्रियों की बात की जाए तो देश भर में करीब 156 जातियों में क्षत्रिय बिरादरी बंटी हुई है जिसमें अकेले 20 से 25 जातियां कानपुर में रहती हैं।

महानगर में आज तक नहीं हुआ कोई क्षत्रिय सांसदः महानगर में 1952 से लेकर अभी तक किसी भी क्षत्रिय प्रत्याशी को यहां के मतदाताओं ने संसद तक नहीं पहुंचाया है। फिलहाल इसकी उम्मीद आगे भी कम ही नजर आ रही है। जबकि अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में दो बार देवेंद्र सिंह भोले के रूप में क्षत्रिय बिरादरी से सांसद चुना जा चुका है। इसे ही देखते हुए भाजपा ने फिर से क्षत्रिय पर ही दांव लगाया है। हालांकि इस बार परिणाम क्या होगा, अभी कहा नहीं जा सकता है।

ठाकुरों का 84 गांवः सिकंदरा से लेकर जालौन के बीच 84 गांवों में ठाकुरों की बड़ी संख्या रहती रही है। जिसे दादी ठाकुर बुलाया जाता है। इनकी अपनी अलग संस्कृति और सामाजिक सरोकार बताए जाते हैं।

कानपुर नगर व अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में रहने वाली क्षत्रिय बिरादरी

कछुवाह, राजावत, (दोनों जयपुर के राजा जय सिंह से ताल्लुकात रखते हैं, कानपुर देहात से लेकर शहर तक रहते हैं), चंदेल (कानपुर से लेकर बुंदेलखंड तक चंदेलों का शासन रहा है), चौहान (पृथ्वीराज चौहान से ताल्लुक रखते हैं) गौर, भदौरिया, तोमर, सेंगर, सिकरवार, हाड़ा (रावतपुर के आसपास रहते हैं, जो राजस्थान से आए), परमार (कानपुर के साथ कन्नौज में बड़ी संख्या में हैं), जादौन, गौतम (यह लोग ज्यादातर महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र के महौली, सरसौल के आसपास रहते हैं), वैश्य ठाकुर (यह डौंडिया खेड़ा के आसपास अधिक संख्या में रहते हैं), श्रीनेत (यह लोग जम्मू कश्मीर से होते हुए गोरखपुर और कानपुर तक फैल गए), बघेल (महानगर में क्षत्रियों की यह बिरादरी भी अच्छी संख्या में रहती है), नेगी, बिष्ट, रावत (इन सभी को ताल्लुक उत्तराखंड से है और यहां पर जाजमऊ और शहर के दूसरे हिस्सों में रहते हैं।

क्षत्रिय बिरादरी से हुए कुछ जनप्रतिनिधि

लाल सिंह तोमर एमएलसी, देवेंद्र सिंह भोले सांसद, मानवेंद्र सिंह चौहान एमएलसी, अभिजीत सिंह सांगा विधायक, अविनाश सिंह चौहान एमएलसी, सरला सिंह मेयर, रघुनंदन सिंह भदौरिया पूर्व विधायक, अरुणा सिंह तोमर पूर्व विधायक।

वीर अभिमन्यु क्षत्रिय महासभा के पूर्व कोषाध्यक्ष संजीव चौहान ने बताया कि कानपुर से बुंदेलखंड तक ठाकुर बिरादरी से जुड़े लोगों की अच्छी तादात है। भोगनीपुर क्षेत्र में चौहानों के 36 गांव हैं। इसी तरह कानपुर में चंदेल ठाकुरों के 80 गांव हैं। गुजरात, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश के अलावा पूर्वाचल से भी बड़ी संख्या में ठाकुर बिरादरी के लोग यहां रहते हैं।


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