Kanpur : MLA अमिताभ बाजपेयी Satarday को देंगे गिरफ्तारी, Police Commissioner को पत्र भेजकर दी सूचना।

कानपुर : पुलिस से झड़प में सपा विधायक व कांग्रेस प्रत्याशी समेत 200 लोगों पर दर्ज मुकदमें में सपा...

कानपुर के “हर्षद मेहता” शेयर ब्रोकर संजय सोमानी को 22 करोड़ के घोटाले में 3 और सीए को 5 साल की सजा।

वर्ष 1994 में इलाहाबाद बैंक कानपुर में हुआ था घोटाला, 30 साल बाद आया फैसला लखनऊ। बहुचर्चित संजय...

IAS-IPS अफसरों की सियासत में एंट्री : आज इस्तीफा कल चुनाव।

IAS-IPS In Politics : 1993 में केंद्रीय गृह सचिव नरिंदर नाथ वोहरा की अगुआई में एक कमेटी बनी। इसे...

IIT से बीटेक, फिर IPS और अब IAS टॉपर काफी रोचक है आदित्य श्रीवास्तव की कहानी

आदित्य के पिता अजय श्रीवास्तव सेंट्रल ऑडिट डिपार्टमेंट में AAO के पद पर कार्यरत हैं। छोटी बहन...

कानपुर लोकसभा चुनाव 2024 : विकास के लिए समर्पित सांसद को चुनेंगे मतदाता।

(अभय त्रिपाठी) कानपुरः यूपी की कानपुर लोकसभा सीट को मैनचेस्टर ऑफ यूपी के नाम से जानी जाती है।...

Kanpur : भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी ने इंडी गठबंधन के प्रभाव वाले कैन्ट, आर्यनगर और सीसामऊ में तेज की कदमताल..

आर्यनगर की गलियों में जाकर जनता से मिले, मिला जनसमर्थन कानपुर। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ...

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इतिहास के पन्नों में : कानपुर के इस इलाके को आखिर कैसे मिला तिलक नगर नाम??

(अभय त्रिपाठी) कानपुर : उत्तर प्रदेश की राजधानी तो नहीं है, पर इस सूबे का सबसे खास शहर तो है। एक...

#Kanpur : लोकसभा प्रत्याशी आलोक मिश्र और विधायक समेत 200 लोगों पर केस दर्ज, अमिताभ बोले लोकतंत्र नहीं लाठीतंत्र।

यूपी के कानपुर (Kanpur) में इंडिया गठबंधन (India Alliance) के लोकसभा प्रत्याशी और समाजवादी पार्टी...

Kanpur : चोरों के हौसले बुलंद,स्वरूप नगर में दिनदहाड़े चोर स्कूटी लेकर रफूचक्कर।

कानपुर : बेखौफ अपराधी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए शहर में ताबड़तोड़ चोरी की वारदातों...
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एक ट्रेन द्रुत गति से दौड़ रही थी. ट्रेन अंग्रेजों से भरी हुई थी. उसी ट्रेन के एक डिब्बे में अंग्रेजों के साथ एक भारतीय भी बैठा हुआ था.

डिब्बा अंग्रेजों से खचाखच भरा हुआ था. वे सभी उस भारतीय का मजाक उड़ाते जा रहे थे. कोई कह रहा था, देखो कौन नमूना ट्रेन में बैठ गया, तो कोई उनकी वेश-भूषा देखकर उन्हें गंवार कहकर हँस रहा था. कोई तो इतने गुस्से में था कि ट्रेन को कोसकर चिल्ला रहा था, एक भारतीय को ट्रेन मे चढ़ने क्यों दिया ? इसे डिब्बे से उतारो.

किँतु उस धोती-कुर्ता, काला कोट एवं सिर पर पगड़ी पहने शख्स पर इसका कोई प्रभाव नही पड़ा. वह शांत गम्भीर भाव लिये बैठा था, मानो किसी उधेड़-बुन मे लगा हो.

ट्रेन द्रुत गति से दौड़े जा रही थी औऱ अंग्रेजों का उस भारतीय का उपहास, अपमान भी उसी गति से जारी था. किन्तु यकायक वह शख्स सीट से उठा और जोर से चिल्लाया “ट्रेन रोको”. कोई कुछ समझ पाता उसके पूर्व ही उसने ट्रेन की जंजीर खींच दी. ट्रेन रुक गईं.

अब तो जैसे अंग्रेजों का गुस्सा फूट पड़ा. सभी उसको गालियां दे रहे थे. गंवार, जाहिल जितने भी शब्द शब्दकोश मे थे, बौछार कर रहे थे. किंतु वह शख्स गम्भीर मुद्रा में शांत खड़ा था. मानो उसपर किसी की बात का कोई असर न पड़ रहा हो. उसकी चुप्पी अंग्रेजों का गुस्सा और बढा रही थी.

ट्रेन का गार्ड दौड़ा-दौड़ा आया. कड़क आवाज में पूछा, “किसने ट्रेन रोकी”.
कोई अंग्रेज बोलता उसके पहले ही, वह शख्स बोल उठा:- “मैंने रोकी श्रीमान”.
पागल हो क्या ? पहली बार ट्रेन में बैठे हो ? तुम्हें पता है, अकारण ट्रेन रोकना अपराध हैं:- “गार्ड गुस्से में बोला”
हाँ श्रीमान ! ज्ञात है किंतु मैं ट्रेन न रोकता तो सैकड़ो लोगो की जान चली जाती.

उस शख्स की बात सुनकर सब जोर-जोर से हंसने लगे. किँतु उसने बिना विचलित हुये, पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा:- यहाँ से करीब एक फरलाँग की दूरी पर पटरी टूटी हुई हैं. आप चाहे तो चलकर देख सकते है.

गार्ड के साथ वह शख्स और कुछ अंग्रेज सवारी भी साथ चल दी. रास्ते भर भी अंग्रेज उस पर फब्तियां कसने मे कोई कोर-कसर नही रख रहे थे.
किँतु सबकी आँखें उस वक्त फ़टी की फटी रह गई जब वाक़ई , बताई गई दूरी के आस-पास पटरी टूटी हुई थी. नट-बोल्ट खुले हुए थे. अब गार्ड सहित वे सभी चेहरे जो उस भारतीय को गंवार, जाहिल, पागल कह रहे थे. वे उसकी और कौतूहलवश देखने लगे, मानो पूछ रहे हो आपको ये सब इतनी दूरी से कैसे पता चला ??..

गार्ड ने पूछा:- तुम्हें कैसे पता चला , पटरी टूटी हुई हैं ??.
उसने कहा:- श्रीमान लोग ट्रेन में अपने-अपने कार्यो मे व्यस्त थे. उस वक्त मेरा ध्यान ट्रेन की गति पर केंद्रित था. ट्रेन स्वाभाविक गति से चल रही थी। किन्तु अचानक पटरी की कम्पन से उसकी गति में परिवर्तन महसूस हुआ. ऐसा तब होता हैं, जब कुछ दूरी पर पटरी टूटी हुई हो. अतः मैंने बिना क्षण गंवाए, ट्रेन रोकने हेतु जंजीर खींच दी.

गार्ड औऱ वहाँ खड़े अंग्रेज दंग रह गये. गार्ड ने पूछा, इतना बारीक तकनीकी ज्ञान ! आप कोई साधारण व्यक्ति नही लगते. अपना परिचय दीजिये.

शख्स ने बड़ी शालीनता से जवाब दिया:- श्रीमान मैं भारतीय #इंजीनियर #मोक्षगुंडम_विश्वेश्वरैया…

जी हाँ ! वह असाधारण शख्स कोई और नही “डॉ विश्वेश्वरैया” थे.

✍ Er राकेश गुहा… (रिपोस्ट).


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