कानपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर दौरे के दौरान भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए शहर की कानून व्यवस्था, बंद उद्योगों, ट्रैफिक जाम और विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में कानपुर की पहचान औद्योगिक शहर के रूप में नहीं बल्कि अव्यवस्था और बदनामी से जुड़ गई है।
शुक्रवार को सिविल लाइंस स्थित सपा जिला अध्यक्ष फजल महमूद के आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने कानपुर को “बदनामपुर” बना दिया है। उन्होंने कहा कि आज शहर का नाम उद्योग, रोजगार और विकास के बजाय कार पलटने की घटनाओं, पुलिस-वकील गुटबाजी, एनकाउंटर विवाद और प्रशासनिक टकरावों के कारण चर्चा में रहता है।
बंद उद्योगों को लेकर सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने कहा कि कभी देश की औद्योगिक राजधानी रहे कानपुर के उद्योग बंद होते चले गए, लेकिन सरकार ने उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने ऐतिहासिक लाल इमली मिल का जिक्र करते हुए कहा कि इसका बंद होना कानपुर की बदहाली का प्रतीक बन गया है।
उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लाल इमली मिल को दोबारा शुरू कराया जाएगा और शहर में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। साथ ही कानपुर में लखनऊ से भी बेहतर रिवर फ्रंट विकसित करने का वादा किया।
“कानपुर प्रशासन को मोतियाबिंद हो गया है”
सपा प्रमुख ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी का दावा करने वाली सरकार कानपुर को जाम से मुक्त नहीं करा पाई। उन्होंने कहा कि प्रशासन को “मोतियाबिंद” हो गया है और उसे शहर की समस्याएं दिखाई नहीं दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि कानपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के बजाय “जामपुर सिटी” बना दिया गया है, जहां रोजाना लोग घंटों ट्रैफिक जाम में फंसे रहते हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजली संकट का मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार कानपुर को जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर देने में विफल रही है। पनकी पावर प्लांट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि बिजली परियोजना सही तरीके से संचालित होती तो शहर की बिजली समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती थी।
उन्होंने कहा कि कानपुर में निवेश की अपार संभावनाएं हैं और यहां मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम मौजूद है। सरकार यदि उद्योगों को सहूलियत दे तो बड़े पैमाने पर निवेश आ सकता है, लेकिन मौजूदा सरकार ने ट्रांस गंगा सिटी परियोजना को भी बर्बाद कर दिया।
चुनाव प्रक्रिया और केंद्र सरकार पर भी सवाल
सपा प्रमुख ने SIR प्रक्रिया और फार्म-7 को लेकर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी बड़ी कंपनी के जरिए वोट कटवाने की साजिश कर रही है।
उन्होंने केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ नीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार देश में निर्माण की बात करती है, लेकिन बड़े टेंडर विदेशों को दिए जा रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था और किसानों से जुड़े बजट को लेकर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की।
चीन और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि चीन धीरे-धीरे बाजार और जमीन पर कब्जा बढ़ा रहा है। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी तब भारत का क्षेत्रफल कितना था और अब कितना बचा है, इसका जवाब दिया जाए।
लेम्बोर्गिनी कांड और कानून व्यवस्था पर टिप्पणी
कानपुर के चर्चित लेम्बोर्गिनी हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “हथेली गरम, पुलिस नरम” जैसी स्थिति बन गई है। उन्होंने वाराणसी में अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़े जाने और नेपाल नरेश द्वारा दिए गए घंटे की चोरी का मुद्दा भी उठाया।
गंगा पुल जाम का वीडियो किया शेयर
कानपुर पहुंचने से पहले लखनऊ से आते समय सपा प्रमुख गंगा पुल पर करीब 90 मिनट तक जाम में फंस गए। उन्होंने इसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए सरकार के 45 मिनट में लखनऊ-कानपुर यात्रा के दावे पर तंज कसा।
उन्होंने लिखा कि दो स्मार्ट सिटी के बीच 90 मिनट का जाम विकास मॉडल की सच्चाई दिखाता है और भाजपा जितना बताती नहीं है, उससे ज्यादा बातें छिपाती है।
कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत, शादी समारोह में भी पहुंचे
जाम खुलने के बाद अखिलेश यादव जाजमऊ पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया तथा कहा कि जनता बदलाव चाहती है।
इसके बाद वह मेहरबान सिंह का पुरवा स्थित रिटायर्ड जज श्याम सिंह यादव के आवास पहुंचे। वहीं सपा जिला अध्यक्ष फजल महमूद के घर पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर शुभकामनाएं दीं। बाद में बिठूर स्थित एक होटल में सपा विधायक अमिताभ वाजपेई के पुत्र शिखर के विवाह समारोह में पहुंचकर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।

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