छापे में एंटीबायोटिक इंजेक्शन, बुखार व दर्द की दवाओं के साथ दो तरह की कफ सिरप मिलीं
कानपुर में नकली दवा के सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ बिरहाना रोड में थोक दवा मार्केट के सामने नील वाली गली के मकान में नकली दवाएं बन रही थीं। इसी भवन के भूतल पर मेडिकल व सर्जिकल स्टोर संचालित था। लुधियाना नारकोटिक्स टास्क टीम और औषधि विभाग के छापे में मंगलवार को बड़ी मात्रा में नकली एंटीबायोटिक इंजेक्शन, दर्द की दवाओं के साथ ही बुखार खांसी – के इलाज में काम आने वाले दो अलग-अलग तरह की कफ सिरप मिलीं। पैकिंग करने और बैच नंबर प्रिंट करने की मशीन, छपे हुए रैपर, 28.85 लाख रुपये नकदी व नोट गिनने की मशीन भी बरामद हुई है। पांच दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अभी कार्रवाई जारी है मेडिकल स्टोर सील कर दिया गया है और पुलिस को तहरीर दी गई है। एसीपी कलक्टरगंज आशुतोष सिंह ने बताया कि जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी में शामिल औषधि निरीक्षक रेखा सचान ने बताया कि पंजाब के लुधियाना में गुजरात की एक कंपनी की दवाएं पकड़ी गई थीं। इनमें कुछ नकली थीं और कई का प्रयोग नशे में किया जाता है। कार्रवाई के दौरान कानपुर की फर्म का नाम आया था। लुधियाना नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने औषधि विभाग के साथ मिलकर नील वाली गली स्थित श्री लक्ष्मी फार्मा मेडिकल एंड सर्जिकल स्टोर में छापा मारा। स्टोर संचालक राहुल अग्रवाल टीम देखकर मौके से फरार हो गया।
ये दवाएं मिली।
फेफड़ों व मूत्र मार्ग में संक्रमण दूर करने वाला एमिजेक्ट 500 एंटीबायोटिक का इंजेक्शन, बुखार के साथ ही हड्डी के दर्द में काम आने वाली नैक्लोफेन एसपी टेबलेट, सांस, त्वचा व शरीर के अन्य भागों में होने वाला संक्रमण रोकने वाला कैप्हेल कैप्सूल, कोलेस्ट्राल कम करने, बुखार व खांसी रोकने के काम आने वाली अलग-अलग सिरप।
नियम विरुद्ध बन रही थीं दवाएं
औषधि निरीक्षक ने बताया कि बिना प्रयोगशाला, विज्ञानी तथा बिना लाइसेंस के दवाएं बनाई जा रही थीं। यह नियम विरुद्ध है।

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