Kanpur : डफरिन अस्पताल के Dr सुधीर कुमार द्विवेदी हुए सम्मानित।

फिजियोकनेक्ट-6 इंटरनेशनल फिजियोथेरेपी सम्मेलन का आयोजन द मायरा फाउंडेशन द्वारा द नॉर्थकैप...

कानपुर: सुहागरात टालता रहा पति, पत्नी ने नपुंसकता छिपाकर शादी का लगाया आरोप; 38 लाख खर्च का दावा

कानपुर की एक नवविवाहिता ने पति पर नपुंसकता की बात छिपाकर शादी करने का आरोप लगाते हुए ससुराल पक्ष...

Kanpur : दूल्हा बने बाबा आनंदेश्वर, महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब; लाखों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

कानपुर। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शहर शिवभक्ति में डूबा नजर आया। परमट स्थित श्री आनंदेश्वर...

कानपुर को मिलेगा विश्वस्तरीय क्रिकेट हब: 350 करोड़ से बदलेगा ग्रीन पार्क स्टेडियम का स्वरूप, बढ़ेंगे अंतरराष्ट्रीय व IPL मैच..

कानपुर। शहर के ऐतिहासिक क्रिकेट मैदान ग्रीन पार्क स्टेडियम को अब विश्वस्तरीय बनाने की तैयारी शुरू...

कानपुर में अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा हमला, बोले— ‘स्मार्ट सिटी नहीं, बदनामपुर बन गया शहर’

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कानपुर पहुंचने से पहले जाम में फंसे अखिलेश यादव, वीडियो शेयर कर सरकार पर साधा निशाना

कानपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार को कानपुर पहुंचने से पहले गंगा...

कानपुर में बोले शिवपाल यादव — यूपी में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं

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Kanpur लेंबोर्गिनी कांड : 7 घंटे में आरोपी शिवम मिश्रा रिहा, पुलिस की 14 दिन की रिमांड अर्जी खारिज..

कानपुर : तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी से 6 लोगों को टक्कर मारने के आरोपी अरबपति कारोबारी के बेटे शिवम...

कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड: 5 टीमों की दबिश के बाद शिवम मिश्रा गिरफ्तार, ‘सरेंडर ड्रामा’ फेल… कोर्ट में गिरफ्तारी पर उठे सवाल।

कानपुर की सड़कों पर 12 करोड़ की रफ्तार ने 6 जिंदगियों को रौंदा… और अब इस हाई प्रोफाइल हादसे में...

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Hit And Run New Law: हिट एंड रन कानून में संसोधन के बारे में कानपुर में जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने वीडियो जारी कर विस्तार से बताया है। उन्होंने हिट एंड रन के नए कानून पर बनी भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि धबराएं नहीं, हादसे की सूचना देने पर कार्रवाई नहीं होगी। पुलिस, मजिस्ट्रेट या कंट्रोल रूम में सूचना दे सकते हैं।

हिट एंड रन कानून में किए गए संशोधन को लेकर लोगों में रोष के साथ ही भ्रम की भी स्थिति है। इस स्थिति को दूर करने के लिए कानपुर में जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने वीडियो जारी किया है। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद चालक यदि इसकी सूचना पुलिस या मजिस्ट्रेट को दे देता है तो उसे न तो जेल जाना पड़ेगा और न ही जुर्माना देना पड़ेगा।

जेसीपी ने बताया कि पहले हादसे के बाद वाहन चालक पर आईपीसी की धारा 304 (ए) के तहत कार्रवाई होती थी। इसके तहत हादसे में यदि किसी की मौत हो जाती है तो चालक को दो साल की सजा व जुर्माने की सजा थी। नए कानून में धारा 304 (ए) को 106(1) व 106(2) में तब्दील कर दिया गया है।

आईपीसी की धारा 106(1) के तहत यदि कोई दुर्घटना करता है तो उसे पांच साल जेल और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं आईपीसी की धारा 106(2) के तहत यदि दुर्घटना की सूचना नहीं देता है तो उसे 10 साल की कैद और सात लाख के जुर्माने की सजा है।

आईपीसी 106(2) में यह राहत भी दी गई है कि दुर्घटना के बाद यदि इसकी सूचना स्थानीय पुलिस, मजिस्ट्रेट, या यूपी 112 या 108 में देता है तो यह धारा उस पर लागू नहीं होगी। इससे उसे न तो जेल जाना पड़ेगा और न ही जुर्माना भरना पड़ेगा।
घटनास्थल से दूर जाकर पुलिस को दें सूचना
जेसीपी के अनुसार हादसे के बाद चालक को स्थानीय लोगों से जान का भी खतरा रहता है। ऐसे में चालक घटनास्थल से दूर जाकर पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दे सकता है। उसकी शिकायत कंट्रोल रूम में रजिस्टर्ड हो जाएगी। इसके बाद चालक अपने रूट पर मौजूद थाने जाकर वाहन खड़ा कर प्रभारी को घटना से अवगत करा सकता है। इसके बाद थानाप्रभारी 41 (ए) का फार्म भरा उसे छोड़ देगा।

आईपीसी की धारा 106(2) के अनुसार यदि चालक या परिचालक की लापरवाही से किसी की मौत हो जाती है और उसकी सूचना पुलिस या मजिस्ट्रेट को नहीं देता है तो उसे 10 साल का कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। सूचना देने वाले पर यह धारा लागू नहीं होगी। ऐसे में चालक घटनास्थल से आगे बढ़कर निकटतम किसी भी पुलिस स्टेशन में गाड़ी खड़ी कर सकता है। सूचना देने पर घायल व्यक्ति को मदद जल्दी मिल जाएगी और वह बच जाएगा।- नरेश चन्द्र त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता


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