कानपुर : नवाबगंज व बिठूर के छह गांवों में गंगा का पानी कम हो गया लेकिन कीचड़ की वजह से मुसीबत है जबकि 24 गांव अब भी पानी भराव की समस्या से जूझ रहे हैं। 18 गांवों के साढ़े चार हजार ग्रामीण बैराज मार्ग पर शरण लिए हैं। वहीं निजी अस्पताल के मेडिकल कैम्प में एक्सपायरी दवा बांटने के मामले में रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई की तैयारी है।

सीएमओ डॉ हरि दत्त नेमी ने बिना अनुमति मेडिकल कैम्प लगाने पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को राहत शिविर में मंधना के निजी फार्मेसी कालेज के डाक्टरों ने घोर लापरवाही बरतते हुए बाढ़ पीड़ितों को एक्सपायरी दवा वितरण कर रहे थे। तभी प्रशासनिक टीम की बांटी जा रही दवाओं में निगाह पड़ी तो होश उड़ गए अधिकतर दवाएं एक्सपायरी थी जिन्हें जब्त कर लिया गया।
मौके पर मौजूद लेखपाल ईश्वरीयगंज बिठूर नूपुर आर्या ने बताया कि निजी इंस्टीट्यूट के दो कैम्प लगे थे। एक आयुर्वेदिक एक डेंटल का डेंटल वाले कैम्प में बाढ़ पीड़ितों को ट्रूथपेस्ट बांटे गए एवँ आयुर्वेदिक कैम्प में तमाम दवाएं बांटी जा रही थी। जिनकी मैनुफैक्चरिंग 2023 की और एक्सपायरी मई 2025 की है। जिसे प्रशासन की टीम द्वारा जप्त कर लिया गया है। वही एक्सपायरी दवा बांटने की बात सामने आने के बाद जांच रिपोर्ट बनाई गई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक चतुर्वेदी, एसडीएम सदर अनुभव सिंह इस पर निगाह रखे हैं। सीएमओ ने बताया कि निजी मेडिकल कैंप लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एक अस्पताल के शिविर को भी हटा दिया गया।

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