IAS-IPS अफसरों की सियासत में एंट्री : आज इस्तीफा कल चुनाव।

IAS-IPS In Politics : 1993 में केंद्रीय गृह सचिव नरिंदर नाथ वोहरा की अगुआई में एक कमेटी बनी। इसे...

IIT से बीटेक, फिर IPS और अब IAS टॉपर काफी रोचक है आदित्य श्रीवास्तव की कहानी

आदित्य के पिता अजय श्रीवास्तव सेंट्रल ऑडिट डिपार्टमेंट में AAO के पद पर कार्यरत हैं। छोटी बहन...

कानपुर लोकसभा चुनाव 2024 : विकास के लिए समर्पित सांसद को चुनेंगे मतदाता।

(अभय त्रिपाठी) कानपुरः यूपी की कानपुर लोकसभा सीट को मैनचेस्टर ऑफ यूपी के नाम से जानी जाती है।...

Kanpur : भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी ने इंडी गठबंधन के प्रभाव वाले कैन्ट, आर्यनगर और सीसामऊ में तेज की कदमताल..

आर्यनगर की गलियों में जाकर जनता से मिले, मिला जनसमर्थन कानपुर। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ...

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इतिहास के पन्नों में : कानपुर के इस इलाके को आखिर कैसे मिला तिलक नगर नाम??

(अभय त्रिपाठी) कानपुर : उत्तर प्रदेश की राजधानी तो नहीं है, पर इस सूबे का सबसे खास शहर तो है। एक...

#Kanpur : लोकसभा प्रत्याशी आलोक मिश्र और विधायक समेत 200 लोगों पर केस दर्ज, अमिताभ बोले लोकतंत्र नहीं लाठीतंत्र।

यूपी के कानपुर (Kanpur) में इंडिया गठबंधन (India Alliance) के लोकसभा प्रत्याशी और समाजवादी पार्टी...

Kanpur : चोरों के हौसले बुलंद,स्वरूप नगर में दिनदहाड़े चोर स्कूटी लेकर रफूचक्कर।

कानपुर : बेखौफ अपराधी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए शहर में ताबड़तोड़ चोरी की वारदातों...

Kanpur News : मरीजों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं हैः मुख्य सचिव

कानपुर। प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि मरीजों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है।...

#Kanpur : बुजुर्ग पिता की सेवा करना बैंक कर्मी के लिए बना काल, कलयुगी संतानें और पत्नी ने गला दबाकर हत्या का किया प्रयास।

कानपुर। बैंककर्मी ने अपनी पत्नी व बच्चों समेत उनके साथियों पर डंडे व रॉड से पीटने व गला दबाकर...
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https://youtu.be/w_jvtASybhU
  • जेके मंदिर घूमिए, वास्तु सीखिए
  • दिशाओं के साथ-साथ पंचत्वों के सही क्रम का इस्तेमाल
  • पूरब की ओर मुख्य द्वार, सकारात्मक ऊर्जा का अपार भंडार

अगर आपको वास्तु शास्त्र में जरा सी भी दिलचस्पी है तो कानपुर जेके मंदिर घूम आइए। आप कहेंगे कि हम वास्तु की किताबों या ऑनलाइन वेबसाइटों के बजाए किसी मंदिर में जाने की सलाह क्यों दे रहे हैं। इसके पीछे की वजह है यहां का लाजवाब वास्तु। किसी भी घर की सुख-समृद्धि में वास्तु का बहुत अहम स्थान होता है। कहते हैं कि सही वास्तु से भरपूर सकारात्मक ऊर्जा मिलती है जो सफलता के लिए जरूरी होती है। जेके मंदिर घूमकर आप दिशाओं और पंच तत्वों के सही संयोजन को सीख सकते हैं। इन्हें आप अपने घर में इस्तेमाल कर सकते हैं।

पहले पृथ्वी और अंत में आकाश तत्व

दिशाओं के साथ-साथ पंचत्वों के सही क्रम का इस्तेमाल
महामहोपाध्याय सुरेश चन्द्र त्रिपाठी बताते हैं कि मंदिर का निर्माण पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु व आकाश) के सही क्रम से किया गया है। मंदिर का मुख्यद्वार (नजीराबाद थाने की ओर से) से राधाकृष्ण साफ नजर आते हैं। मुख्य द्वार पृथ्वी तत्व होता है। इसके बाद आता है जल तत्व। मुख्य द्वार से होते ही जैसे ही आप थोड़ा आगे बढ़ेंगे तो शानदार फव्वारा आपका मन खुश कर देगा। इसके बाद मंदिर की सीढ़ियों पर चढ़कर आप जैसे ही द्वार पर पहुंचेंगे तो यहां आपको यज्ञ आदि के लिए स्थान नजर आएगा। यह तत्व है अग्नि। इसके बाद मंदिर के भीतर दाखिल होते ही आपको बड़ा सा हॉल नजर आएगा। यह सूचक है वायु तत्व का। इसके बाद जब आप सिर ऊपर उठाकर देखेंगे तो विशाल गुंबद आपको नजर आएगा। यह आकाश तत्व है। यानी की सभी का सही क्रम में प्रयोग किया गया। शिखर के ठीक नीचे राधाकृष्णजी विराजमान है। मंदिर में कुल पांच शिखर हैं। इसमें केंद्र शिखर सबसे ऊंचा है।

दिशाओं का भी सही तालमेल

जेके मंदिर कानपुर के बारे में विशेष कहानी
जाने माने वास्तुविद विमल झांझरिया बताते हैं कि कानपुर गंगा तट पर बसा है। जो सड़कें इसके समानंतर बनी हैं उन पर बने भवनों का मुख उत्तर-पूर्व दिशा की है। इसी प्रकार जो सड़कें गंगाजी को पार करती हैं उन पर बने भवनों का मुख उत्तर पश्चिम की ओर है। आप जब इन इमारतों से जेके मंदिर को देखेंगे तो थोड़ा तिरक्षा नजर आएगा। इसकी वजह है इन मकानों में दो दिशाओं का होना।

इस वजह से आती है अपार सकारात्मक ऊर्जा…

पूरब की ओर मुख्य द्वार, सकारात्मक ऊर्जा का अपार भंडार
जब आप जेके मंदिर को देखेंगे तो आपको ज्ञात होगा कि यह सीधी दिशाओं में बना हुआ है। यानी पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण। कहीं भी दो दिशाएं एक साथ नहीं हैं। जेके मंदिर का मुख पूरी तरह से पूर्व दिशा में है। मंदिर के केंद्र में स्थापित राधाकृष्ण की मूर्ति पूर्व दिशा की ओर देख रही है। मूर्ति के पीछे पश्चिम दिशा है, बाएं हाथ पर उत्तर और दाहिने पर दक्षिण दिशा है। ऐसे में यहां अपार सकारात्मक ऊर्जा रहती है।


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